तबादलों में खेल: एक्ट का खुला उल्लंघन, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उठाए सवाल, सीएम से मिलेंगे परिषद के नेता
प्रत्येक तबादला सत्र के दौरान दुर्गम और सुगम में तैनात कर्मचारियों की सूची तैयार होती है। इस सूची के आधार पर वरिष्ठता सूची बनती है। इसे विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाता है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का आरोप है कि अधिकांश विभागों में अधिनियम के नियमों का पालन नहीं किया गया और तबादलों में स्पष्ट रूप से मनमानी की गई।
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अधिनियम बनाए जाने के बाद भी प्रदेश में तबादलों का विवाद खत्म नहीं हो रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने तबादलों में खेल को लेकर सवाल उठाए हैं। परिषद का आरोप है कि अधिकांश विभागों में तबादला अधिनियम का पालन नहीं हुआ। इससे पात्र कर्मचारी एक बार फिर तबादलों से वंचित रह गए।
परिषद अब इस मसले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उठाने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव से भी इस बारे में परिषद शिकायत करेगी। परिषद का कहना है कि तबादला अधिनियम इसलिए बनाया गया था ताकि पात्र कर्मचारी का स्थानांतरण हो सके और तबादलों में पारदर्शिता रहे। अधिनियम में तबादला प्रक्रिया के लिए बाकायदा समय सारिणी निर्धारित है।
इसके तहत प्रत्येक तबादला सत्र के दौरान दुर्गम और सुगम में तैनात कर्मचारियों की सूची तैयार होती है। इस सूची के आधार पर वरिष्ठता सूची बनती है। इसे विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाता है। कर्मचारियों से इसके संबंध में आपत्तियां मांगी जाती है। उनकी सुनवाई होती है। उनसे तीन से पांच विकल्प मांगे जाते हैं। आदेश में स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए कि तबादला अनुरोध के आधार पर हुआ है या प्रशासनिक आधार पर।
परिषद का आरोप है कि अधिकांश विभागों में अधिनियम के नियमों का पालन नहीं किया गया और तबादलों में स्पष्ट रूप से मनमानी की गई। परिषद ऐसे विभागों की सूची तैयार कर रही है। अभी तक परिषद के पास महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, गन्ना विकास, आईटीआई, अर्थ एवं संख्या विभाग समेत एक दर्जन विभागों से शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। अन्य विभागों से भी ऐसी शिकायतें मिल रही हैं।
तबादलों का परीक्षण करने की मांग की
परिषद इस मामले में चुप नहीं बैठेगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा। मुख्यमंत्री से विभिन्न विभागों में हुए तबादलों का परीक्षण करने की मांग की जाएगी। साथ ही अधिनियम को ताक पर रखने वालों का उत्तरदायित्व भी तय करने का अनुरोध किया जाएगा।
हमें तबादलों में नियमों का पालन न होने की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कई विभागों ने तबादला अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया और तबादला सूची जारी कर दी। परिषद मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मुलाकात कर उनसे तबादलों का परीक्षण कर उन पर रोक लगाने और संशोधित सूची जारी करने का अनुरोध करेगी।
- अरुण पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद