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थम नहीं रहा कांग्रेस के अंदर का घमासान
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:40 AM IST
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कांग्रेस
- फोटो : file photo
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विधान सभा चुनाव से कांग्रेस में इन दिनों पद रेवड़ियों की तरह बांटे जा रहे हैं। स्थिति यह है कि जंबो कार्यकारिणी में सचिव और संगठन सचिवों की संख्या 150 से पार पहुंच गई हैं। इसके अलावा 40 से अधिक प्रदेश प्रवक्ता बना दिए गए हैं।
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इन सबके बीच पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। यह आरोप किसी पार्टी पदाधिकारी या कार्यकर्ता का नहीं वरन सरकार में शामिल काबीना मंत्री प्रीतम सिंह पवार का है। काबीना मंत्री का कहना है कि उन्होंने यह बात मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सामने भी रखी है।
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संगठन में सब ठीक नहीं
जी हां सरकार के बाद अब संगठन में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी से नाराज कुछ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से कांग्रेस का झंडा थामे लोगों की संगठन में अनदेखी हो रही है, जिससे कार्यकर्ता नाराज हैं। कुछ मंत्री और विधायक भी इससे नाराज चल रहे हैं।
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नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि जिलाध्यक्ष और प्रदेश सचिव बनाए जाने के दौरान विधायकों को इससे अवगत कराए जाने की जरूरत भी महसूस नहीं की जा रही है। वहीं कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि परिक्रमा करने वालों को पार्टी में जो पद दिए जा रहे हैं, वे भी गलत हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री उसे ही नियुक्ति किया जा सकता है पार्टी हाईकमान ने जिसका अनुमोदन किया हो, लेकिन पार्टी में ऐसा नहीं हो रहा।
इनका है कहना
संगठन में पुराने और समर्पित लोगों को जगह दी जानी चाहिए, मेरी ओर से प्रदेश अध्यक्ष को इससे अवगत कराया गया है।
-प्रीतम सिंह, पंचायती राज मंत्री
संयोगवश चकराता के लोग छूट गए थे, प्रदेश अध्यक्ष ने इसका संज्ञान ले लिया है, एक सप्ताह के भीतर वहां के लोगों को पीसीसी में जगह दी जाएगी।
-धीरेंद्र प्रताप, मुख्य प्रचार समन्वयक