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Dehradun News: एआई की संभावनाओं और चुनौतियों पर की चर्चा
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Iउत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
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Iउत्तरांचल विश्वविद्यालय के उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समग्र दृष्टिकोण विषय पर आयोजित सम्मेलन में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को एआई के माध्यम से प्राप्त करने की संभावनाओं और चुनौतियों पर विशेष जोर दिया गया।I
Iविवि के कुलपति प्रो. डॉ. धर्म बुद्धि और प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. राजेश बहुगुणा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में डॉ. आनंद नैय्यर (वियतनाम), प्रो. डॉ. नूर जमान झांझी (मलेशिया), डॉ. हिमानी फनू (अमेरिका), डॉ. मयंक अग्रवाल (भारत) और डॉ. मुहनाद तहरीर यूनिस (इराक) ने अपने विचार रखे। डॉ. आनंद नैय्यर ने सतत शहरी विकास और पर्यावरण प्रबंधन में एआई के एकीकरण पर जोर दिया। जबकि प्रो. डॉ. नूर जमान झांझी ने वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों के लिए सहयोगी एआई ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा की। दो दिवसीय सम्मेलन में 15 देशों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। 290 से अधिक शोधपत्र मौखिक और पोस्टर प्रारूप में प्रस्तुत किए गए, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और संसाधन प्रबंधन जैसे विविध विषयों पर आधारित थे।I
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Iउत्तरांचल विश्वविद्यालय के उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समग्र दृष्टिकोण विषय पर आयोजित सम्मेलन में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को एआई के माध्यम से प्राप्त करने की संभावनाओं और चुनौतियों पर विशेष जोर दिया गया।I
Iविवि के कुलपति प्रो. डॉ. धर्म बुद्धि और प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. राजेश बहुगुणा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में डॉ. आनंद नैय्यर (वियतनाम), प्रो. डॉ. नूर जमान झांझी (मलेशिया), डॉ. हिमानी फनू (अमेरिका), डॉ. मयंक अग्रवाल (भारत) और डॉ. मुहनाद तहरीर यूनिस (इराक) ने अपने विचार रखे। डॉ. आनंद नैय्यर ने सतत शहरी विकास और पर्यावरण प्रबंधन में एआई के एकीकरण पर जोर दिया। जबकि प्रो. डॉ. नूर जमान झांझी ने वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों के लिए सहयोगी एआई ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा की। दो दिवसीय सम्मेलन में 15 देशों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। 290 से अधिक शोधपत्र मौखिक और पोस्टर प्रारूप में प्रस्तुत किए गए, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और संसाधन प्रबंधन जैसे विविध विषयों पर आधारित थे।I
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