फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   disaster victims will get more compensation.

आपदा में मृतकों के परिजनों को अब सरकार देगी पांच लाख मुआवजा

Sat, 30 Jul 2016 05:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 30 Jul 2016 05:08 AM IST
विज्ञापन
disaster victims will get more compensation.
आपदा में मरने वालों के पर‌िजनों को अब तक चार लाख म‌िलते थे। - फोटो : अमर उजाला

भूस्खलन, बादल फटने या फिर अन्य किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के दौरान मृत लोगों के परिजनों को अब प्रदेश सरकार पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। पहले यह राशि चार लाख रुपये थी। बढ़ी हुई एक लाख रुपये की सहायता पीड़ितों को फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में दी जाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

विज्ञापन


आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों के निर्माण के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी एक लाख की बढ़ोतरी की गई है। पहले यह राशि दो लाख थी, जिसे अब तीन लाख किया गया है।
विज्ञापन


इसके अलावा आपदा के दौरान सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर करने के लिए ग्राम प्रहरियों को मोबाइल देने के साथ ही प्रतिमाह दो सौ रुपये चार्जिंग भत्ता देने का निर्णय लिया गया है। आपदा पीड़ित जो स्वयं के मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण किराये के भवनों में रह रहे हैं, उनके मासिक किराये में भी बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि अभी बढ़ोतरी की दर तय नहीं की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दो की जगह मिलेंगे तीन लाख

disaster victims will get more compensation.
आपदा में क्षतिग्रस्त भवन - फोटो : file photo

बीजापुर गेस्ट हाउस में हुई बैठक में आपदा के दौरान भवनों की क्षतिग्रस्तता की परिभाषा के संबंध में बने संशय तथा तकनीकी जटिलताओं पर विचार किया गया। निर्णय लिया गया कि भवन को क्षतिग्रस्त घोषित करने के संबंध में जेई की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति द्वारा भवन का प्रमाणीकरण किया जाएगा।

यही समिति भवनों का धवस्तीकरण भी सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली तीन लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि उन सभी भवन स्वामियों को प्रदान की जाएगी, जिन्हें राज्य प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त घोषित किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में ग्राम प्रहरियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मोबाइल, भत्ता देने के साथ ही ग्राम प्रहरियों को आपदा प्रबंधन केंद्रों से भी जोड़ा जाएगा। आपदा प्रबंधन के लिए ग्राम प्रहरियों के अलावा ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें पंचायत सचिव, राशन विक्रेता, जनप्रतिनिधि भी सम्मिलित होंगे।

आपदा राहत बजट के लिए आबकारी सेस पर चर्चा

disaster victims will get more compensation.
टैक्स - फोटो : Demo

सचिव, आपदा प्रबंधन शैलेश बगोली ने बताया कि आपदा राहत मद में सभी पर्वतीय जिलों को सात करोड़ और मैदानी जिलों को पांच करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह, प्रीतम सिंह पंवार, नवप्रभात, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी, अपर सचिव सी. रविशंकर, उप सचिव आपदा प्रबंधन संतोष बडोनी समेत कई अफसर उपस्थित थे।

आपदा राहत कार्यों के बजट और पीड़ितों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के लिए सरकार अब आबकारी पर उपकर यानी सेस लगाने पर विचार कर रही है। बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई। साथ ही खनन की रॉयल्टी से भी बजट की संभावनाएं तलाशने पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि यदि आबकारी, खनन पर कायदे से टैक्स लगा दिया जाए तो आपदा राहत कार्यों के लिए सरकार पर्याप्त बजट जुटा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed