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डीजल लेकर टंकी पर चढ़े गुस्साए विकलांग
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 24 Dec 2014 11:03 AM IST
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देहरादून में नौकरी में आरक्षण समेत विभिन्न मांगों पर नंदा देवी निर्धन विकलांग कल्याण एसोसिएशन से जुड़े दो विकलांग नगर निगम की टंकी पर चढ़ गए।
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मुख्यमंत्री से वार्ता के आश्वासन पर टंकी से उतरे
दोनों अपने साथ डीजल भी लेकर गए थे। ऊपर दोनों आत्मदाह की धमकी देते रहे, जबकि नीचे उनके साथी धरने पर बैठ गए। दिनभर चले हंगामे के बाद शाम को मुख्यमंत्री से वार्ता के आश्वासन पर दोनों उतर आए।
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एसोसिएशन से जुड़े विकलांग तीन माह से परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे हैं। मंगलवार सुबह सात बजे एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बसंत कुमार थपलियाल और माधव सिंह पंवार नगर निगम की टंकी पर चढ़ गए। दोपहर में मुख्यमंत्री हरीश रावत यहां एक कार्यक्रम में आना था।
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जानकारी मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. ललित नारायण मिश्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन थपलियाल और पंवार ने मांगें पूरी होने तक उतरने से इनकार कर दिया।
प्रशासन ने शाम साढ़े चार बजे उनकी मुख्यमंत्री से वार्ता कराने की बात कही। तब जाकर दोनों लोग नीचे उतरे। शाम को एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हरीश रावत से बीजापुर गेस्ट हाउस में मिला।
मुख्यमंत्री ने चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पर लगी रोक हटाने और उसमें विकलांगजनों को दस प्रतिशत आरक्षण का आश्वासन दिया। इसके अलावा विकलांग बाजार बनाकर विकलांगों को दुकानें आवंटित करने, एसोसिएशन के कार्यालय के लिए भवन देने और विकलांगों को आवास आवंटन करने पर भी सहमति जताई।
इस मौके पर नईम अंसारी, सुभाष चंद्रा, हरेंद्र सिंह और गजेंद्र सिंह रौथाण आदि मौजूद रहे।
आधे घंटे में पहुंचे टंकी पर
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बसंत कुमार थपलियाल व्हील चेयर पर चलते हैं। वह सीढ़ियों और दीवार का सहारा लेकर धीरे-धीरे टंकी पर चढ़े। इसमें उन्हें करीब आधे घंटे का वक्त लगा, लेकिन निगम में ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने के बावजूद स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को इसकी भनक तक न लगना सवाल खड़े करता है।