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अब आपके घर पहुंचेगा गैस रियायती फॉर्म

Fri, 19 Dec 2014 09:27 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Dec 2014 09:27 AM IST
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direct benefit of transfer on LPG dehradun.

डायरेक्ट बेनीफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के तहत गैस उपभोक्ताओं को सोमवार से नए फॉर्म मिलने शुरू हो जाएंगे।

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यही नहीं अब डिलीवरी मैन (सिलेंडर घर पहुंचाने वाला) से फॉर्म घर पहुंचाया जाएगा और वही लेकर जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी पीएस पांगती ने गुरुवार को सभी गैस एजेंसी संचालकों की बैठक में यह निर्देश दिए।

फॉर्म उपभोक्ताओं के घर पहुंचाने के निर्देश
उधर, भारत पेट्रोलियम के निदेशक विपणन केके गुप्ता का भी कहना है कि गैस एजेंसी संचालकों को डीबीटीएल फॉर्म उपभोक्ताओं के घर पहुंचाने के निर्देश हैं। कहा कि फॉर्म भरवाने के बाद एजेंसी के कर्मचारी को यह भी सुनिश्चित करना है कि वह सही तरीके से भरा गया है।
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पीएस पांगती ने कहा कि जिले में 5 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। इनमें 17 फीसदी योजना से जुड़ गए हैं। उन्होंने एजेंसियों को फॉर्म की मारामारी खत्म करने के लिए डिलीवरी मैन से गैस रियायती फॉर्म बंटवाने और जमा कराने के निर्देश दिए।
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कहा कि शहर में अलग-अलग सोसाइटी बनी हैं। डिलीवरी मैन हर किसी को जानता है। ऐसे फॉर्म बांटने और जमा करने से एजेंसी में भीड़ घटेगी। एजेंसी संचालकों के सीरियल नंबर का मुद्दा उठाने पर पांगती ने कहा कि इतना काम तो वे कर ही सकते हैं।

बैंकों में धीमी गति से फार्म का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी की अगुवाई में एक दो दिन के अंदर बैंक, जीएमवीएन, तेल कंपनी और गैस एजेंसियों की बैठक होगी।

डीबीटीएल के लिए एजेंसी में उमड़ रही भीड़
डायरेक्ट बेनीफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के तहत बैंक खाता गैस एजेंसी से जोड़ने के लिए गुरुवार सुबह से एजेंसियों में भीड़ रही। उपभोक्ता सुबह 6 बजे ही नंबर लगाने एजेंसी पहुंच गए।

इसके बावजूद घंटों इंतजार के बाद फॉर्म मिला। फॉर्म जमा करने के लिए भी दोबारा लाइन लगानी पड़ी। रेस कोर्स स्थित उत्तरांचल गैस एजेंसी में दोपहर 12 बजे लोग सड़क तक लाइन लगाए खड़े थे। अरविंद गैस एजेंसी में भी बेहद भीड़ रही।

सहारनपुर रोड स्थित चुग, राजपुर रोड स्थित वैली गैस, निरंजनपुर मंडी में सत्यशील, शिमला बाईपास में किशन गैस एजेंसी पर भी लोग लंबी लाइनों में लगे नजर आए।

बैंक में भी दी जा सकती है एलपीजी आईडी
गुरुवार को मुख्य सचिव एन रविशंकर से मिलने के बाद भारत पेट्रोलियम के निदेशक विपणन केके गुप्ता ने बताया कि 15 नवंबर से देश के 54 जिलों में डीबीटीएल योजना शुरू हो गई है। 622 जिलों में एक जनवरी से शुरू होगी।

उत्तराखंड में आधार कार्ड धारक अभी 40 फीसदी हैं। यहां उपभोक्ता बैंक खाते में सब्सिडी के लिए गैस एजेंसी में फॉर्म भरकर अकाउंट नंबर दे सकते हैं। 17 अंकों वाली एलपीजी आईडी को बैंक में भी दिया जा सकता है।


शिकायत दूर करने के लिए प्रत्येक जिले अधिकारी तैनात हैं। बताया कि ग्राहकों को रियायती दर (सब्सिडी वाले) के सिलेंडरों के लिए गैस एजेंसी को आधार कार्ड और बैंक अकाउंट देने की अवधि जून 2015 तक है।

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