{"_id":"a01b8059ab837b5c0c2a303abf9d80f9","slug":"dilip-kumar-brother-at-dehradun-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"'दिलीप कुमार की तबीयत का डर सताता रहा'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'दिलीप कुमार की तबीयत का डर सताता रहा'
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 04 Dec 2014 12:33 PM IST
विज्ञापन
‘ट्रेजडी किंग’ दिलीप कुमार के छोटे भाई असलम खान बुधवार को दून में थे। यहां आकर भी तकरीबन 78 साल के असलम को बड़े भाई एहसान खान (दिलीप कुमार) की नासाज तबीयत का ख्याल बराबर सताता रहा।
विज्ञापन
इन दिनों दोनों भाईयों में चल रहा है प्रॉपर्टी विवाद
बिल्कुल दिलीप साहब के अंदाज में बेहद धीमे-धीमे बोले-वह ठीक होते, यहां साथ होते तो फिजां का रंग कुछ और होता। असलम दिलीप कुमार के 12 भाई-बहनों में एक हैं। 1930 में परिवार के पेशावर से मुंबई शिफ्ट हो जाने की वजह से उनका बचपन वहीं गुजरा।
विज्ञापन
तकरीबन 60 दशक दिलीप कुमार के साथ उनके पाली हिल के बंगलो में गुजारने वाले असलम का इन दिनों उनसे प्रॉपर्टी विवाद चल रहा है। मामला मुंबई में पाली हिल के जिस बंगलो से जुड़ा है, वहां असलम 1953 से दिलीप के साथ रह रहे थे।
विज्ञापन
इसी में उनके साथ उनके भाई एहसान भी थे। 2006 में जब बंगलो के रिडवलपमेंट की बात उठी तो असलम और अहसान का एक नियत राशि के बदले यहां से हटना तय हुआ।
2013 में इन भाईयों की तरफ से दिलीप कुमार को समझौते के उल्लंघन से जुड़ा नोटिस भिजवाया गया। इसी जून माह में दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो की तरफ से मामला कोर्ट में ले जाया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय विकलांग जन दिवस कार्यक्रम में पहुंचे दून
अपने मित्र और हिमालयन ड्रग्स कंपनी के स्वामी डॉ. एस फारुख संग राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) में अंतर्राष्ट्रीय विकलांग जन दिवस कार्यक्रम का हिस्सा बने असलम ने अमर उजाला से बात-चीत में साफ किया कि वह दिलीप के साथ दून नहीं आए।
हालांकि यह शहर उन्हें पसंद बहुत है और उन्होंने बार-बार यहां आने की इच्छा भी जताई। इससे पूर्व मीडिया कर्मियों से बात-चीत में उन्होंने एनआईवीएच में दृष्टिबाधितों के सम्मान को एक अलहदा कदम बताया। कहा-मैं दुआएं देता हूं कि इस तरह के कार्यक्रम बराबर चलते रहें। और बढ़ें।
‘द सब्सटेंस एंड द शैडो’ में दिलीप के साथ
दिलीप कुमार के जीवन पर आई पुस्तक ‘द सब्सटेंस एंड द शैडो’ में दिलीप कुमार के साथ असलम के युवावस्था के कई चित्र उनके रिश्तों पर रोशनी डालते हैं। एक और भाई नासिर को तो दिलीप कुमार ने अपने होम प्राडक्शन ‘गंगा-जमुना’ में टाइटल रोल में भी लिया।