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डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सेवा शुरू, अब भागदौड़ खत्म

Thu, 16 Jun 2016 02:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 16 Jun 2016 02:53 PM IST
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digital life certificate service starts
ऑनलाइन - फोटो : फाइल फोटो

पेंशन धारकों को अब जीवन प्रमाण पत्र के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए उत्तराखंड में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सेवा का शुभारंभ किया गया है।

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को बीजापुर अतिथि गृह में इस सेवा को आरंभ किया। यह सुविधा संबंधित पेंशन धारकों को उनके क्षेत्र में स्थित देवभूमि जन सेवा केन्द्र (सीएससी) से ही प्राप्त हो जाएगी। इस प्रकार उन्हें डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र कोषागार में ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा।
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इस सेवा के आरंभ होने पर मुख्यमंत्री ने कोषागार, एनआईसी, सीएससी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस सुविधा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कहा है। कार्यक्रम में मौजूद मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि आईटी का लाभ गांव-गांव तक पहुंचना चाहिए।
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कोषागार को डिजिटल सेवा से जोड़ने का काम बेहद सराहनीय है। उन्होंने सभी विभागों से इस दिशा में आपसी समन्वय से कार्य करने की अपेक्षा की। इस सेवा के संबंध में जानकारी देते हुए सचिव आईटी दीपक कुमार ने कहा कि पेंशन धारक नागरिक को देवभूमि जन सेवा केन्द्र में अपना आधार नंबर देना होगा तथा पहचान स्वरूप बायोमीट्रिक उपकरण पर अंगूठे का छाप देना होगा।

इससे पूर्व में आधार सर्वर पर उपलब्ध उनके अंगूठे के निशान से मिलान स्वत: हो जाएगा। मिलान होने के बाद कोषागार के सर्वर पर यह सूचना दर्ज हो जाएगी। इससे पेंशन धारकों को जीवन प्रमाण पत्र के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इससे समय के साथ-साथ आने-जाने के खर्च की भी बचत होगी। देवभूमि जन सेवा केन्द्र पर यह सुविधा मात्र दस रुपये में प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय 3000 से भी अधिक देवभूमि जन सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके है।


इनमें लगभग 2400 केन्द्र ऐसे हैं, जिनमें ई-जीवन प्रमाण सुविधा के साथ-साथ 90 सरकारी व गैर सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। इस वर्ष सभी ग्राम पंचायतों में देवभूमि जन सेवा केन्द्र प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। निदेशक कोषागार एलएन पंत ने कहा कि ई-जीवन प्रमाण सेवा से पेंशनर्स को ट्रेजरी और बैंक नहीं आना पड़ेगा।

पेंशनर्स के सेवानिवृत्ति का माह ही जीवन प्रमाण पत्र देने का माह होगा। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा योजना के अलावा बिजली, पानी, टेलीफोन आदि के बिल भी इस सुविधा के माध्यम से जमा करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने आईटी विभाग को नोडल विभाग नामित की बात कही। इस अवसर पर सचिव एवं महानिदेशक सूचना विनोद शर्मा, एनआईसी से राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी सतेंद्र कुमार व तकनीकी निदेशक के साथ ही सीएससी एसपीवी टीम, आधार टीम, एसईएमटी टीम, आईटी विभाग व कोषागार के अधिकारी उपस्थित रहे।

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