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यहां एक ही अस्पताल में चलते हैं अलग-अलग नियम

Sat, 11 Jun 2016 11:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 11 Jun 2016 11:50 AM IST
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different rules in doon hospital and doon woman hospital.
दून अस्पताल - फोटो : file photo
दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल का एकीकरण कर भले ही एक अस्पताल बन गया हो लेकिन यहां व्यवस्थाओं का एकीकरण नहीं हो पाया है। आलम यह है कि अस्पताल में दो अलग-अलग तरह की लैब चल रही है। खास बात यह है कि दोनों लैब का समय भी अलग-अलग है। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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दून अस्पताल की ओपीडी में रोजाना दो हजार से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा करीब साढ़े तीन सौ मरीज भी भर्ती रहते हैं। इससे अस्पताल की पैथोलॉजी, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड टेस्ट लैब पर जबरदस्त दबाव रहता है। अस्पताल का एकीकरण भले ही हो गया हो लेकिन वहां अब भी दो अलग-अलग पैथोलॉजी चल रही है।
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दून अस्पताल की पैथोलॉजी में जहां सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं वहीं महिला अस्पताल में साढ़े ग्यारह बजे के बाद सैंपलिंग नहीं होती। इससे मरीजों की भ्रम की स्थिति बनी रहती है। कई बार मरीजों को परेशानी भी झेलनी पड़ती है। 
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महिला मरीजों की बढ़ी दिक्कत
मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनने से महिला मरीजों की परेशानी में इजाफा हुआ है। उन्हें पहले रजिस्ट्रेशन के लिए दून अस्पताल स्थित सेंट्रल रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पंजीकरण करना पड़ता है। इसके बाद जांच के लिए दून महिला अस्पताल जाना पड़ता है। यहां से डॉक्टर अगर टेस्ट के लिए लिखे तो उसकी बिलिंग के लिए दोबारा सेंट्रल बिलिंग काउंटर पर लाइन लगानी पड़ती है। इसके बाद टेस्ट के लिए उन्हें दोबारा महिला अस्पताल जाना पड़ता है। 

अतिरिक्त काम कर रहे कर्मचारी
मरीजों की परेशानी को देखते हुए दून अस्पताल की पैथोलॉजी में तैनात कर्मचारी निर्धारित समय से ज्यादा काम कर रहे हैं। शासनादेश के अनुसार लैब में सैंपलिंग का वक्त सुबह आठ बजे से पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे तक है। इसके बाद सैंपल की जांच और रिपोर्ट तैयार करने का काम होता है। लेकिन दून अस्पताल कर्मी सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक सैंपल लेते हैं। इसके बाद उनकी जांच और रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया होती है। 

खरीद पर भी सवाल
एक ही अस्पताल में दो लैब के लिए अलग-अलग सामान खरीदे जाने के मामले में भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. प्रदीप भारती गुप्ता ने इस पर आपत्ति भी जताई है। उन्होंने अस्पताल में सेंट्रल लैब की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। 


इनका है कहना
एमसीआई की मान्यता मिलने के बाद अब व्यवस्थाएं सुधारी जा रही है। सेंट्रल पैथोलॉजी लैब की व्यवस्था होने से एक ही जगह टेस्ट हो सकेंगे। 
-डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज

मरीजों की सहूलियत को देखते हुए दून अस्पताल में कर्मचारी ड्यूटी टाइम से अतिरिक्त भी सैंपलिंग कर रहे हैं। महिला अस्पताल में तुरंत जांच की जरूरत होती है। जल्द ही इसकी एकीकृत व्यवस्था बनाई जाएगी।
-डॉ. केके टम्टा, चिकित्साधीक्षक
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