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देवस्थानम बोर्ड : बोर्ड के विरोध में केदारनाथ में तीर्थपुरोहित कर रहे मौन आंदोलन, सरकार पर उपेक्षा का आरोप
Sun, 13 Jun 2021 10:53 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, केदारनाथ
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, केदारनाथ
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 13 Jun 2021 10:53 AM IST
सार
तीर्थपुरोहितों ने कहा कि बोर्ड को जल्द रद्द नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने बोर्ड में मनोनीत सदस्यों का चयन निरस्त करने की मांग भी की।
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काला फीता बांधकर मौन आंदोलन कर रहे
- फोटो : ANI
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विस्तार
देवस्थानम बोर्ड के विरोध में केदारनाथ में तीर्थपुरोहित काला फीता बांधकर मौन आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर उपेक्षा आरोप लगाया है।
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Priests sit on a silent protest outside the Kedarnath temple, demanding that the Uttarakhand Char Dham Devasthanam Management Board be disbanded. Their protest has entered the third day today. pic.twitter.com/Ixitq7inYB
— ANI (@ANI) June 13, 2021विज्ञापन
इससे पहले चारधाम देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थपुरोहितों ने प्रदर्शन करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का पुतला फूंका। साथ ही बोर्ड रद्द करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। उन्होेंने कहा कि बोर्ड को जल्द रद्द नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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उन्होंने बोर्ड में मनोनीत सदस्यों का चयन निरस्त करने की मांग भी की। केदारनाथ में लगातार तीन दिन से तीर्थपुरोहितों काला फीता बांधकर देवस्थानम बोर्ड का विरोध करते हुए मंदिर परिसर में धरना दे रहे हैं।
कहा कि बीते वर्ष बोर्ड गठन से पहले से वे आंदोलन करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है। स्थिति यह है कि बोर्ड को भंग करने के बाद उसे विस्तार दिया जा रहा है, जो तीर्थपुरोहितों की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा व मंदिरों पर कब्जा करने की रणनीति तैयार कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कहा कि तीर्थपुरोहितों व हक-हकूकधारियों को बिना विश्वास में लेकर सरकार द्वारा पहले बोर्ड का गठन किया गया और अब उसे विस्तार दिया जा रहा है, जो उचित नहीं है। कहा कि तीरथ सिंह सरकार ने बोर्ड को भंग करने की बात कही थी, लेकिन लगभग ढाई माह बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
एकजुट होकर बोर्ड का विरोध करते हुए मांगपूर्ति तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर अंकुर शुक्ला, अंकित सेमवाल, प्रवीण तिवारी, संतोष त्रिवेदी आदि मौजूद थे।