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प्रावि साहिया पाटन में विभाग को हादसों का इंतजार
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जमीन दरकने से कुछ इस तरह क्षतिग्रस्त पड़ा है प्राथमिक विद्यालय साहिया पाटन का खेल मैदान।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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सिस्टम की हीलाहवाली कभी भी राजकीय प्राथमिक विद्यालय साहिया पाटन में पढ़ने वाले छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। सात माह पूर्व बरसात के दौरान स्कूल के मैदान के नीचे बनी दीवार ढह गई थी जिसके बाद से ही स्कूल को खतरा बना हुआ है। बावजूद इसके अब तक विभाग ने स्कूल के नीचे सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू नहीं कराया है।
वर्तमान में स्कूल में 53 छात्र अध्ययनरत हैं। अभिभावक शांति प्रसाद वर्मा, सुल्तान सिंह, डोडू राम, कलम सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि छात्र स्कूल के बाहर बने खेल मैदान में ही खेलते हैं। ऐसे में विभाग की यह हीलाहवाली कभी भी छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
सुरक्षा इंतजाम के नाम पर विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्से पर तीन बल्लियां गाड़ कर रस्सी को बांध दिया है जो कारगर तरीका नहीं है। कभी भी कोई छात्र खेलते हुए खाई में गिर सकता है। शिकायत के बाद भी तो जिला प्रशासन और न ही शिक्षा विभाग क्षतिग्रस्त हिस्से की कोई सुध ले रहा है। कहा यदि विभाग शीघ्र क्षतिग्रस्त हिस्से पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराता तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
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उप खंड शिक्षाधिकारी पूजा नेगी दानू ने बताया की सुरक्षात्मक दीवार के निर्माण से संबंधित फाइल शासन को भेजी जा चुकी है। पैसा मिलते ही दीवार बनवा दी जाएगी।
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वर्तमान में स्कूल में 53 छात्र अध्ययनरत हैं। अभिभावक शांति प्रसाद वर्मा, सुल्तान सिंह, डोडू राम, कलम सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि छात्र स्कूल के बाहर बने खेल मैदान में ही खेलते हैं। ऐसे में विभाग की यह हीलाहवाली कभी भी छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
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सुरक्षा इंतजाम के नाम पर विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्से पर तीन बल्लियां गाड़ कर रस्सी को बांध दिया है जो कारगर तरीका नहीं है। कभी भी कोई छात्र खेलते हुए खाई में गिर सकता है। शिकायत के बाद भी तो जिला प्रशासन और न ही शिक्षा विभाग क्षतिग्रस्त हिस्से की कोई सुध ले रहा है। कहा यदि विभाग शीघ्र क्षतिग्रस्त हिस्से पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराता तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
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उप खंड शिक्षाधिकारी पूजा नेगी दानू ने बताया की सुरक्षात्मक दीवार के निर्माण से संबंधित फाइल शासन को भेजी जा चुकी है। पैसा मिलते ही दीवार बनवा दी जाएगी।