एक नहीं तीन बार हुई रिडकूराम की मौत, चौंका देगी ये स्टोरी!
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सहसपुर निवासी महेंद्र सिंह और उनकी मां सुशीला के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। महेंद्र की मां ने पिता रिडकूराम की मौत 1999 में दर्शाकर सहखातेदारी दावा कर उनकी दुकान किसी अन्य को बेच दी।
महेंद्र सिंह ने आईजी संजय गुंज्याल को प्रार्थना पत्र देकर मां को आरोपित किया था। बताया कि उसके पिता की मौत 1994 में हुई थी, जबकि मां ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर यह जालसाजी की है।
रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
मृत्यु़ के दो प्रमाण पत्रों के सत्यापन की जांच करने के लिए एसआईटी द्वारा खंड विकास अधिकारी को लिखा गया। खंड विकास अधिकारी के यहां से जो रिपोर्ट आई, वो और चौंकाने वाली थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि महेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र के आधार पर 19 जून 1995 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। हैरत की बात यह है कि तीनों मृत्यु प्रमाण पत्र विकासखंड स्तर से जारी हुए हैं।
एक इंसान के तीन मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होना गंभीर मामला है। निसंदेह इस मामले में कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। गलत तथ्यों पर जारी हुए प्रमाण पत्रों की जांच कराकर कार्रवाई के लिए डीएम रविनाथ रमन को लिखा गया है।
-संजय गुंज्याल, आईजी