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शिक्षा विभाग पर मंत्री जी हुए हावी
अमर उजाला, बिशन सिंह बोरा, देहरादून
Updated Mon, 16 Sep 2013 11:14 AM IST
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प्रदेश के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी कुछ दिन पहले तक विभागीय अधिकारियों से खफा थे। उनका कहना था कि अफसर उनकी नहीं सुनते।
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इस संबंध में उन्होंने बाकायदा शिक्षा सचिव मनीषा पंवार को पत्र लिखकर नाराजगी भी जताई। लेकिन लगता है अब मंत्री की चल पड़ी है। शायद यही वजह है कि विभाग पर उनके रिश्तेदार भी हावी होने लगे हैं। कुछ समय पूर्व जारी शासनादेश में अटैचमेंट पर तैनात शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में भेजने को कहा गया था।
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यह आदेश लागू भी हुआ। कई ऐसी शिक्षिकाएं भी नहीं बख्शी गईं, जिनके परिजन वाकई गंभीर बीमार थे। लेकिन, मंत्री के रिश्तेदार अब भी अटैचमेंट पर मौज कर रहे हैं।
केस नंबर एक
राजकीय इंटर कालेज थत्यूड़ टिहरी में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता सुरेंद्र दत्त डंगवाल फरवरी 2012 से जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) देहरादून में संबद्ध हैं। 11 जून 2013 को जीओ के बावजूद शिक्षा मंत्री के साले डंगवाल आज भी अपने मूल तैनाती स्कूल नहीं पहुंचे हैं। खास बात यह है कि डंगवाल को विभाग में कोई सवाल पूछने वाला नहीं है।
केस नंबर दो
प्राथमिक विद्यालय बिन्नू नरेंद्रनगर में सहायक अध्यापिका कुसुम भट्ट प्रमोशन के बाद प्रावि रगडगांव स्थानांतरित हुई। लेकिन उन्होंने पदोन्नति संशोधित कर कोकलियाल गांव के स्कूल में करा ली, जहां 20 छात्रों पर पहले से दो शिक्षक हैं। उनके जाने से यह संख्या तीन हो जाएगी, जो मानक से अधिक है। लेकिन शिक्षिका के पति मंत्री से अटैच हैं तो कोई ध्यान देने वाला नहीं।
शिक्षा सचिव का आदेश हवा हवाई
शिक्षा सचिव मनीषा पंवार ने अपने 11 जून के आदेश में कहा था कि सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी 15 दिन के भीतर प्रमाणपत्र देंगे कि जिले में अब कोई शिक्षक अटैच नहीं है। इसके बाद भी किसी अटैच शिक्षक का वेतन आहरित होता है तो संबंधित मुख्य शिक्षा अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
मेरे संज्ञान में नहीं है कि शिक्षा विभाग में कोई शिक्षक अटैच है। डायट में जिस शिक्षक के अटैच होने की बात की जा रही है, वह तो जीआईसी थत्यूड़ में हैं।
- मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री
प्रवक्ता सुरेंद्र दत्त डंगवाल यहां अटैच हैं। शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल के निर्देश पर इन्हें डायट में अटैच किया गया है। इनका अटैचमेंट समाप्त करने के लिए मैंने शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा है।
- एसएस नेगी, प्राचार्य डायट
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