डेंगू का डंक: मरीज बढ़े तो न्यूरो सर्जरी का पूरा वार्ड भी करा दिया खाली, अब डॉक्टर भी परेशान
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डेंगू बुखार के प्रकोप से चोट और न्यूरो संबंधी सर्जरी के गंभीर मरीज भी खतरे में पड़ गए हैं। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए न्यूरो सर्जरी के वार्ड को खाली करा दिया गया है। अब इस वार्ड में डेंगू के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जिससे न्यूरो संबंधी सर्जरी को लेकर मरीज के साथ डॉक्टर भी परेशान हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 26 बेड के तीन आईसोलेशन वार्ड बनाए गए थे। इन सभी बेड पर मरीज भर्ती हैं। बुधवार को अस्पताल प्रशासन ने पांच और बेड बढ़ाने का फैसला लिया था।
बेड की उपलब्धता तो हो हो गई, लेकिन वार्ड खाली न होने से इसमें पेंच फंस गया। पूरे अस्पताल का दौरा करने के बाद सभी वार्ड फुल मिले तो न्यूरो सर्जरी के वार्ड को डेंगू वार्ड बना दिया गया है। ऐसे में न्यूरो सर्जरी के लिए दून अस्पताल पहुंचने वाले ज्यादातर मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
सिर की गंभीर चोट, खून का थक्का जमने, नसों की समस्या और अन्य न्यूरो संबंधी रोगों में न्यूरो सर्जरी की आवश्यकता होती है। इसमें सड़क और अन्य दुर्घटनाओं में घायल मरीज भी शामिल रहते हैं। ऐसे में न्यूरो सर्जरी के वार्ड को डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित करने से न्यूरो सर्जरी वाले मरीजों की परेशानियां बढ़ गईं हैं।
अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल स्थिति सामान्य होने तक यह फैसला लिया है कि न्यूरो संबंधी रोग के ऐसे गंभीर मरीजों जिनकी तत्काल सर्जरी की आवश्यकता है, उनकी सर्जरी कर नाक-कान-गला (ईएनटी) रोगियों के वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
न्यूरो से संबंधित बीमारियों के ऐसे मरीज जो कम गंभीर हैं और उन्हें सर्जरी की आवश्यकता है, तो उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि डेंगू और वायरल बुखार के बढ़ते मरीजों के चलते अस्पताल के सारे वार्ड फुल हैं। डेंगू की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल न्यूरो सर्जरी वार्ड में भी डेंगू पीड़ित मरीजों को रखा जा रहा है। इमरजेंसी केस वाले मरीजों को ईएनटी के वार्ड में रखा जा रहा है।
रोजाना पांच मरीजों की होती है न्यूरो सर्जरी
दून अस्पताल में रोजाना औसतन पांच मरीजों की न्यूरो संबंधी ऑपरेशन होते हैं। कई बार तो एक दिन में 10 मरीजों तक के छोटे-बड़े न्यूरो संबंधी ऑपरेशन किए जाते हैं। दून अस्पताल में तैनात डॉ. डीपी तिवारी प्रदेश के सरकारी अस्पताल के एकमात्र न्यूरो सर्जन होने के कारण यहां इससे संबंधित आम मरीजों की ज्यादा भीड़ रहती है।