रुड़की: डेंगू के डंक से गांव के 70 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में, जिला अस्पताल में भर्ती
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रुड़की के पाड़ली गुर्जर गांव में एक बार फिर लोगों को डेंगू का डंक सता रहा है। तीन लोगों में डेंगू की पुष्टि के बाद अब गांव में 70 से अधिक लोग बुखार की चपेट में है। इनका इलाज जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों और यूपी के सीमावर्ती जिलों के अस्पतालों में चल रहा है। एक दिन पहले डेंगू से पीड़ित भगवानपुर निवासी पुजारी की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दवा छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। उधर, सिविल अस्पताल में बृहस्पतिवार को डेंगू चार नए संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं। यहां अभी तक डेंगू संदिग्ध मरीजों की संख्या दस पहुंच गई है। निजी अस्पतालों में भी दस से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है।
पाड़ली गुर्जर गांव में दो सप्ताह के भीतर बुखार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीण निसार अहमद ने बताया कि सिविल अस्पताल में अभी तक गांव के 68 मरीजों के खून के सैंपल लिए जा चुके हैं।
फिलहाल बुखार से पीड़ित सभी मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 20 मरीज दो दिन के भीतर ही अस्पताल में चेकअप करा चुके हैं। दस मरीजों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा दस से अधिक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। इस गांव में दो दिन पहले 60 से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा मिला था। इससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांव में साफ सफाई व्यवस्था की क्या स्थिति है।
हालांकि, मलेरिया विभाग की टीम दो दिन से गांव पहुंच रही है और यहां दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है। लेकिन विभाग के छिड़काव पर ग्रामीण सवालिया निशान लगा रहे हैं। ग्रामीण कादिर का कहना है कि गांव में डेंगू की दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
जिस घर में डेंगू के लार्वा मिल रहे है, उस घर के आगे को निकलते हुए विभागीय कर्मचारी घबरा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि हल्के उपकरणों से दवा छिड़ककर खानापूर्ति की जा रही है।
यही कारण है कि गांव में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इससे गांव के लोगों में विभाग के प्रति रोष पनप रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि गांव में दस टीमें काम कर रही है। जिसमें कई आशाओं को काम पर लगाया गया है।