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Dehradun: रिटायर्ड ब्रिगेडियर ने पुत्रवधू और दून के डॉक्टर पर दर्ज कराया मुकदमा, फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप

Sat, 18 Jan 2025 08:34 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 18 Jan 2025 08:34 PM IST
सार

आरोप है कि यह साजिश उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर पांच करोड़ रुपये की अवैध मांग करने और 2.50 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता वसूलने के लिए की गई है।

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Dehradun Retired Brigadier files case against daughter-in-law and Doon doctor For Fraud
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

मोहाली (पंजाब) के रहने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर नरेंद्र कुमार ने अपनी पुत्रवधू और देहरादून के निजी अस्पताल के डॉक्टर पर फर्जीवाड़े के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि उनकी पुत्रवधू ने डॉक्टर के साथ मिलकर उन्हें घरेलू हिंसा के मुकदमे में फंसाने के लिए ओपीडी के पर्चे बनवाए। यही नहीं दिल्ली के एक फिजियोथेरेपी क्लीनिक के भी पर्चे बनवाए।

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एसओ नेहरू कॉलोनी मोहन सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर नरेंद्र कुमार ने अपनी पुत्रवधू ईशा भगत और डॉ. संजय चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। नरेंद्र कुमार का कहना है कि उनके बेटे जयंत कुमार और ईशा भगत का विवाह 22 सितंबर 2022 को दिल्ली में हुआ था। शादी के कुछ ही महीनों बाद ईशा भगत ससुराल छोड़कर पंचकुला चली गई। उनके अनुसार, तलाक का नोटिस भेजे जाने के बाद ईशा ने उनके परिवार को धमकाने और दुर्व्यवहार करने का प्रयास किया।
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फर्जी मेडिकल दस्तावेज और एक्स-रे रिपोर्ट के माध्यम से घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज कराया। इन दस्तावेजों में देहरादून स्थित एक निजी अस्पताल और दिल्ली स्थित फिजियोथेरेपी सेंटर के नाम शामिल हैं। हालांकि, देहरादून के निजी अस्पताल ने पुष्टि की है कि उनके रिकॉर्ड में ईशा भगत के इलाज का कोई प्रमाण नहीं है।

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आरोप है कि यह साजिश उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर पांच करोड़ रुपये की अवैध मांग करने और 2.50 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता वसूलने के लिए की गई है। ईशा भगत ने अपने सहयोगियों डॉ. संजय चौधरी के साथ मिलकर फर्जी ओपीडी पर्चियां तैयार कीं और इनका इस्तेमाल पुलिस और अदालत को गुमराह करने के लिए किया।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर ने इन आरोपों की गहन जांच की मांग की है और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसओ ने बताया कि मामले में इस शिकायत के साथ सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर ने 168 पन्नों के कुछ दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं।

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