देहरादूनः प्याज 100 रुपये पार, मंडी समिति ने भी खड़े किए हाथ
- अफगानिस्तान से सोमवार को 170 कुंतल प्याज पहुंचा दून
- केंद्र सरकार ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से मांगी डिमांड, मिस्त्र से आएगा प्याज
- नासिक से प्याज की सप्लाई पूरी तरह से बाधित, मचा हाहाकार
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राजधानी देहरादून में सोमवार को प्याज 100 रुपये पार पहुंच गया। प्याज के दाम इतने बढ़े कि 51 रुपये किलो प्याज बेचने वाली मंडी समिति ने भी हाथ पीछे खींच लिए। लिहाजा, सस्ते प्याज के काउंटर बंद हो गए। केंद्र सरकार ने डिमांड की तो मंडी समिति ने 10 हजार कुंतल प्याज मांगा है। हालांकि सोमवार को अफगानिस्तान से भी 170 कुंतल प्याज दून पहुंच गया।
पिछले काफी समय से बढ़ी प्याज की कीमतों में सोमवार को उछाल आ गया। अलवर से प्याज की आवक घटने से ज्यादातर स्थानों पर रिटेल में प्याज की कीमत 100 से 120 रुपये तक पहुंच गई। कीमत बढ़ने और आवक घटने के चलते मंडी में लगाए गए सस्ते प्याज के काउंटर भी बंद करने पड़े। व्यापारियों ने कीमत अधिक होने का हवाला देते हुए 51 रुपये किलो प्याज देने से इनकार कर दिया।
हालांकि शाम तक अमृतसर की मंडी से होते हुए अफगानिस्तान का करीब 170 कुंतल प्याज दून पहुंच गया। मंडी सचिव विजय थपलियाल ने कहा कि अलवर से प्याज कम आने के कारण कीमतों में इजाफा हुआ है। अफगानिस्तान का प्याज आने से थोक और फुटकर कीमतों में कमी आने का अनुमान है।
10 हजार कुंतल प्याज की मांग
प्याज की कमी के मामले में भारत सरकार के अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उत्तराखंड के हालातों का जायजा लिया। बाद में भारत सरकार ने प्रदेश की अलग-अलग मंडियों से डिमांड मांगी।
मंडी सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि दून मंडी में 10 हजार कुंतल प्याज की डिमांड की गई है। इसमें से करीब छह हजार कुंतल अकेले दून के लिए मंगाया गया है। वहीं, चार हजार कुंतल गढ़वाल मंडल की डिमांड है। पूरे प्रदेश के लिए 15,333 कुंतल प्याज की डिमांड की गई है।
विदेशी प्याज से घटेंगी कीमतें
भारत सरकार के स्तर पर मिश्र और टर्की से प्याज मंगाया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में दोनों जगह से प्याज की खेप भारत पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए पहले ही सभी प्रदेशों से डिमांड ले ली है। प्याज पहुंचने के बाद तुरंत मंडियों के जरिये बाजार में आ जाएगा, जिससे कीमतों में कमी आने की संभावना है।