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कोरोना योद्धाओं को होटलों से हटाने पर हंगामा, डीएम ने दिए पूर्व की व्यवस्था बहाल करने के आदेश
Wed, 07 Oct 2020 05:03 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 07 Oct 2020 05:03 PM IST
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देहरादून के डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
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देहरादून प्रशासन द्वारा अधिकृत होटलों में ठहरे और कोरोना मरीजों की देखभाल में जुटे डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने होटल से हटाने का विरोध करते हुए हंगामा किया। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया। सीएमओ और राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों से बात करने के बाद जिलाधिकारी ने फिलहाल पूर्व की व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
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दरअसल, अनलॉक में विभिन्न चीजों में रियायत मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी निर्णय लिया कि अधिकृत होटलों में ठहरे स्वास्थ्यकर्मी अब अपने घर से ड्यूटी पर आ सकते हैं। कोेरोना काल में प्रशासन ने इन्हें घर के बजाय होटलों में रहने की व्यवस्था की थी। प्रशासन की ओर से मिले आदेश पर बुधवार को गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड के होटल द्रोण और अन्य होटल के प्रबंधनों ने स्वास्थ्यकर्मियों को कमरे खाली करने को कहा। इस पर स्वास्थ्यकर्मी भड़क गए। उन्होंने पहले राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा, डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री के अलावा सीएमओ कार्यालय में बात की। उसके बाद वह सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
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उन्होंने बताया कि कोविड की ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों में बड़ी संख्या में कोरोना काल में ही आउटसोर्स, उपनल या पीआरडी आदि के माध्यम से जान जोखिम में डालकर विभाग में ज्वाइन किए हैं। कोविड ड्यूटी पर होने की वजह से उन्हें यहां लोग किराए पर कमरा देने में भी कतरा रहे हैं। अभी कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, अस्पतालों में मरीज भर्ती हैं और न ही इसका कोई टीका बना है, ऐसे में उन्हें होटलों से निकालने से वह कैसे ड्यूटी कर पाएंगे। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर फिलहाल पूर्व की व्यवस्था बहाल कर दी गई है।
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