हर जुबां पर सवाल: किसके लिए आए थे डेढ़ करोड़? कोई बड़े अधिकारी का जोड़ रहा नाम तो कोई सफेदपोश पर कर रहा संदेह
चर्चा है कि प्रदेश के एक बड़े अधिकारी के लिए ये रकम लाई गई थी पर वह इससे संतुष्ट नहीं थे। उनकी ख्वाहिश इससे कहीं ज्यादा की थी। गाड़ी के सीक्रेट केबिन में छिपाकर लाई गई रकम के बारे में कुछ विवाद हो गया।
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कैंट थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर कौलागढ़ में चेकिंग के दौरान बीती रात पकड़े गए एक करोड़ 55 लाख कहां से किसके लिए आए थे दून में शनिवार को ये सवाल हर किसी की जुबां पर था। सियासी गलियारों से लेकर आम जन तक हर जगह चर्चा थी कि आखिर इतना कैश दून में किसे देने के लिए आया था।
कौन वो मुखबिर था जिसने पुलिस को इसकी जानकारी दी। चर्चा है कि प्रदेश के एक बड़े अधिकारी के लिए ये रकम लाई गई थी पर वह इससे संतुष्ट नहीं थे। उनकी ख्वाहिश इससे कहीं ज्यादा की थी। गाड़ी के सीक्रेट केबिन में छिपाकर लाई गई रकम के बारे में कुछ विवाद हो गया। इसी के चलते इसकी सूचना पुलिस तक पहुंचा दी गई।
सूत्रों की मानें तो ग्रे रंग की ये गाड़ी उत्तर प्रदेश से चली थी और यूपी में ही इसने दो-तीन स्थानों से रकम एकत्र की थी। दून के साथ ही यमुनानगर में भी इसको पैसों की डिलिवरी करनी थी। चर्चा है कि किसी अन्य स्थान पर जो रकम रखनी थी वहां ज्यादा रख दी। बताया जा रहा है कि दून में भी ये गाड़ी सुभाष रोड, राजपुर रोड जैसे कुछ इलाकों में देखी गई थी।
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दो विभागों के बीच अटकी है जांच
राजधानी में बड़ी मात्रा में रकम पकड़े जाने की जांच भी दो विभागों के बीच अटकी है। पुलिस विभाग का कहना है कि आयकर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रकम जब्त की गई है। दो लोगों को गिरफ्तार कर गाड़ी सीज की गई है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि जब भी अनएकाउंटेंट मनी पकड़ी जाती है उसकी जांच आयकर विभाग ही करता है। वहीं इस संबंध में आयकर विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो वह खुलकर बोलने तक को तैयार नहीं हुए। नाम न छापने की शर्त पर एक बड़े अधिकारी ने बताया कि पुलिस की ओर से ही इस गाड़ी में रकम होने की सूचना मिली थी। रकम और आरोपी उन्हें नहीं मिले। उनके हांथ में जब मामला आएगा तो जांच की जाएगी।
गुजराती चालक, मराठी कार
कैंट थाना क्षेत्र से पकड़ी गई स्कॉर्पियो कार का नंबर महाराष्ट्र का है। अवैध रकम के साथ गिरफ्तार तीनों आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं। पुलिस की ओर दी गई जानकारी के मुताबिक वाहन चालक की पहचान सतीश भाई (51) निवासी जिला मेहसाणा गुजरात के रूप में हुई। इनकी कार में दो और लोग थे जिनकी पहचान सचिन पटेल निवासी दीनप थाना विसनानगर गुजरात और ठाकुर जसवंत संघ बानाजी निवासी चणसमा जिला पाटन गुजरात के रूप में हुई है।