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Dehradun: पूर्व डीजीपी सिद्धू समेत पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, धोखाधड़ी का लगा आरोप, जानें पूरा मामला

Fri, 19 Jul 2024 06:03 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 19 Jul 2024 06:03 PM IST
सार

पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू पर आरोप है कि अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में उन्होंने ओल्ड मसूरी रोड पर वीरगिरवाली स्थित आरक्षित वन क्षेत्र की करीब नौ बीघा जमीन अपने नाम करा ली।

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Dehradun News Charge sheet filed against five people including fraud accused  former DGP Sidhu
पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू पर धोखाधड़ी के जरिए ओल्ड मसूरी रोड वीरगिरवाली स्थित आरक्षित वन क्षेत्र की करीब नौ बीघा जमीन को अपने नाम कराने के आरोप लगे थे। इस मामले में एसआईटी ने कोर्ट में सिद्धू समेत पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।

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पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू पर आरोप है कि अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में उन्होंने ओल्ड मसूरी रोड पर वीरगिरवाली स्थित आरक्षित वन क्षेत्र की करीब नौ बीघा जमीन अपने नाम करा ली। वहां साल प्रजाति के 25 पेड़ भी कटवा दिए। तब सिद्धू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया जाता है कि उक्त भूमि दो दशक पूर्व किसी नत्थूराम व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी। बाद में उस जमीन को आरक्षित वन क्षेत्र घोषित कर दिया गया।
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कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार डीजीपी ने मेरठ जिले में नत्थूराम नाम के व्यक्ति की तलाश की। इस नाम का व्यक्ति मेरठ के रोहटा रसूलपुर गांव में मिल गया। वहां तत्कालीन ग्राम प्रधान चमन सिंह के जरिए उसके नत्थूराम के फर्जी दस्तावेज बनवाए। इसके बाद उसे रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन का मालिक दर्शाकर जमीन अपने नाम करा ली। यह दाखिल खारिज 13 मार्च 2013 को सिद्धू के नाम हुआ। इस दाखिल खारिज के खिलाफ काशीराम क्वार्टर डिस्पेंसरी रोड पर रहते असली नत्थूराम के बेटों ने अपर तहसीलदार कोर्ट से 25 मार्च 2013 को स्टे हासिल कर लिया था।
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इस बीच रहमुद्दीन और हाजी रिजवान नाम के व्यक्ति सामने आए। इन्होंने जमीन की पॉवर ऑफ आटर्नी अपने नाम होने का दावा किया। तब सिद्धू की तरफ से नत्थूराम बनाए गए व्यक्ति की तरफ से इनके खिलाफ शहर कोतवाली में पांच जुलाई 2012 को मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मामले की जांच शुरू हुई और इस बीच डीजीपी सिद्धू सेवानिवृत्त हो गए। यहीं से खेल की परतें खुलनी शुरू हुईं। पिछले साल अप्रैल में मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई।

एसआईटी का पर्यवेक्षण डीआईजी एलओ पी रेणुका देवी, विवेचक वर्तमान में एसपी चमोली सर्वेश पंवार को बनाया गया। एसआईटी में सीओ अनुज और निरीक्षक गिरीश चंद शर्मा को बतौर सदस्य शामिल किया। एसआईटी जांच में डीजीपी को आरोपी बनाया। एसआईटी ने करीब एक साल की जांच के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। पांच अन्य के खिलाफ जांच जारी रहेगी।

इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल
- पूर्व डीजीपी बीरेंद्र सिंह सिद्धू निवासी उषा कॉलोनी, सहस्रधारा रोड।
- रहमुद्दीन निवासी निवासी पटेलपुरी, कंकरखेड़ा, जिला मेरठ, यूपी।
- हाजी रिजवान निवासी पटेलपुरी, कंकरखेड़ा, जिला मेरठ, यूपी।
- सुभाष शर्मा निवासी किनौनी, सरधना जिला मेरठ यूपी।
- स्मिता दीक्षित निवासी आरएन बाजार, तोपखाना मार्ग मेरठ, यूपी।

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