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देहरादूनः ओटीएस के तहत जल्द कराएं कंपाउंडिंग, नहीं तो पड़ेगा महंगा 

Tue, 10 Dec 2019 10:17 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुनीत द्विवेदी, अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 10 Dec 2019 10:17 AM IST
सार

  • 31 दिसंबर तक ही मिलेगा वनटाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) का लाभ
  • स्कीम खत्म होने के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ  अभियान चलाएगा एमडीडीए 

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Dehradun: Compounding soon under OTS, otherwise it will cost high
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

अगर आपने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) के तहत अपने भवन की कंपाउंडिंग नहीं कराई है, तो जल्द करा लें। क्योंकि एक जनवरी से मसूरी देहरादूून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) कंपाउंडिंग पर कोई छूट नहीं देगा। इसके बाद अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू होगी।

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आवासीय मामलों में राहत देने के लिए सरकार ने ओटीएस स्कीम शुरू की थी। इसके तहत एकल आवास, व्यावसायिक भवनों, आवासीय भू-उपयोग में व्यावसायिक दुकान, आवासीय क्षेत्रों में नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर, चाइल्ड केयर, नर्सरी स्कूल, प्ले ग्रुप आदि को वन टाइम सेटलमेंट योजना में शमन व विनियमितीकरण का आदेश जारी किया था। जिसमें बढ़ी दरों के कारण आ रही कठिनाइयों को देखते हुए शासन ने लोगों को राहत दी।
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पुरानी दरों पर कंपाउंडिंग की सुविधा के साथ ही योजना की समयसीमा 31 दिसंबर कर दी थी, लेकिन एमडीडीए अब इस समयसीमा में कोई इजाफा नहीं करेगा। एक जनवरी से कंपाउंडिंग के लिए दी गई राहत को एमडीडीए खत्म कर देगा। एक जनवरी से एमडीडीए ओटीएस स्कीम से पूर्व में लागू दरों से कंपाउंडिंग करेगा। 
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वन टाइम सेटेलमेंट के तहत ये मिल रही छूट  

एकल आवासीय भवन के लिए 
बैक सेटबैक : भवनों में बैक सेटबैक पर पूर्व की तरह 40 फीसदी निर्माण के साथ भवन की ऊंचाई में तीन मीटर तक स्वीकृति दी जाएगी। पूर्व में यह ऊंचाई सात मीटर रखी गई थी।  
साइड सेटबैक : अगर आपके भवन में साइड सेटबैक की चौड़ाई 1.20 मीटर से कम है, तो उसे स्वीकृति दी जाएगी। पहले कम से कम 1.20 मीटर भाग खुला रखना जरूरी था। 
फ्रंट सेटबैक : वन टाइम सेटलमेंट के तहत इसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले केवल 10 फीसदी तक की ही छूट की व्यवस्था थी।  
ग्राउंड कवरेज : पहले भवनों पर ग्राउंड कवरेज 10 प्रतिशत तक स्वीकृत था, अब इसमें 10 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा। 
फ्लो एरिया रेश्यो (एफएआर) : पूर्व में 10 प्रतिशत छूट थी, जिसमें पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी गई है, अब एफएआर में 15 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। 

एकल व्यावसायिक भवन 
बैक सेटबैक - एकल आवासीय की पूर्व व्यवस्था में पहले 40 प्रतिशत तक के क्षेत्र में निर्माण को कंपाउंड किया जाता था, अगर भवन की ऊंचाई सात मीटर है तो 60 प्रतिशत तक कंपाउंडिंग स्वीकृत थी। वहीं, पहले के प्रावधानों के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी गई है। 

साइड सेटबैक- एकल आवासीय भवन में जिधर सेटबैक की आवश्यकता नहीं है, उधर अपनी इच्छानुसार 1.20 मीटर सेटबैक छोड़े जाने का प्रावधान था। वहीं, 10 प्रतिशत तक के क्षेत्रफल को कंपाउंड करने की व्यवस्था थी, ओटीएस स्कीम में इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। 

फ्रंट सेटबैक - इसमें पूर्व की 10 प्रतिशत व्यवस्था में 10 प्रतिशत की और छूट दी गई है।

ग्राउंड कवरेज - इसमें पूर्व में 10 प्रतिशत तक कंपाउंडिंग का प्रावधान था, अब इसमें भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट की व्यवस्था की गई है।

फ्लो एरिया रेश्यो (एफएआर) - इसमें पहले 10 प्रतिशत छूट की व्यवस्था थी, जिसमें पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है।

आवासीय भू-उपयोग में व्यवसायिक दुकान

मानक          -           पूर्व प्रावधान         -            संशोधित प्रावधान 
न्यूनतम पहुंच मार्ग  चौड़ाई - 18 मीटर       -             छह मीटर 
न्यूनतम भूखंड क्षेत्रफल   -  125 वर्गमीटर  -  15 से 200 वर्गमीटर 
सेटबैक                   -         कोई छूट नहीं   -  फ्रंट सेटबैक के साथ अन्य सेटबैक में स्वीकृति से 10 प्रतिशत से अधिक छूट 
ग्राउंड कवरेज -             10 प्रतिशत       -      10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट 
फ्लो एरिया रेश्यो (एफएआर) -10 प्रतिशत  -   पूर्व के साथ पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट 
पार्किंग -                 कोई छूट नहीं     -        50 वर्गमीटर के भूखंड पर पार्किंग अनिवार्य नहीं है। इससे अधिक के भूखंड पर 50 फीसद पार्किंग उपलब्ध कराना अनिवार्य। पार्किंग उपलब्ध न होने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान। 

आवासीय क्षेत्रों में मौजूद क्लीनिक और कलेक्शन सेंटर को भी लाभ 

आवासीय क्षेत्रों में मौजूद क्लीनिक और कलेक्शन सेंटर को भी ओटीएस स्कीम के तहत छूट देने की व्यवस्था की गई है। 50 वर्गमीटर क्षेत्रफल पर बने क्लीनिक की कंपाउंडिंग हो सकेगी। इसके लिए न्यूनतम पहुंच मार्ग छह मीटर रखा गया है।

लेबोरेट्री - कम से कम 100 वर्गमीटर भूखंड व नौ मीटर की सड़क होने पर उनकी कंपाउंडिंग हो सकेगी। वहीं, मानक में न्यूनतम पार्किंग 100 वर्गमीटर (तल) क्षेत्रफल पर होना आवश्यक है। 

लेबोरेटरी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर - कम से कम 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल होना जरूरी है। इसके अलावा सड़क नौ मीटर तथा 100 वर्गमीटर तल क्षेत्रफल पर 1.5 ईसीएस (इक्यूवेंट कार स्पेस ) होना अनिवार्य है।

नर्सिंग होम/चाइल्ड केयर - 20 बेड तक के लिए न्यूनतम 450 वर्गमीटर भूखंड जरूरी, नौ मीटर की सड़क और ईसीएस 100 वर्गमीटर तल पर 1.5 होना जरूरी है।

50 बेड तक का अस्पताल - कम से कम 450 वर्गमीटर भूखंड जरूरी है। वहीं, 12 मीटर चौड़ी सड़क के साथ ही 1.5 ईसीएस की व्यवस्था होने पर ही कंपाउंडिंग होगी।

50 बेड तक का अस्पताल - कम से कम 1000 वर्गमीटर भूखंड जरूरी, 12 मीटर की सड़क और प्रति 100 वर्गमीटर तक पर 1.5 ईसीएस की व्यवस्था होने पर कंपाउंडिंग।

100 बेड तक का अस्पताल - न्यूनतम 2000 वर्गमीटर भूखंड अनिवार्य, 18 मीटर सड़क के साथ ही प्रति 100 वर्गमीटर तक पर 1.5 ईसीएस जरूरी किया गया है।

200 बेड तक का अस्पताल- 5000 वर्गमीटर भूखंड जरूरी, 18 मीटर सड़क होने के साथ ही प्रति 100 वर्गमीटर तल पर 1.5 ईसीएस अनिवार्य किया गया है। 

300 वर्गमीटर पर पास किए जाएंगे स्कूली भवन

वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम में नर्सरी, प्ले ग्रुप के स्कूल 750 के बजाए 300 वर्गमीटर के भूखंड पर भी पास किए जाएंगे। साथ ही न्यूनतम पहुंच मार्ग नौ के स्थान पर साढ़े सात मीटर किया गया है। 


ओटीएस स्कीम का लाभ केवल 31 दिसंबर तक ही दिया जाएगा। एक जनवरी से एमडीडीए स्कीम से पूर्व की दरों से ही कंपाउंडिंग करेगा। साथ ही जल्द अभियान चलाकर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। 
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष, एमडीडीए 

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