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नई आबकारी नीति: देहरादून और हरिद्वार के लिए फिक्स हुए टारगेट
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
Updated Wed, 17 May 2017 11:25 PM IST
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trivendra singh rawat
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आबकारी नीति में इस बार जिलों को ज्यादा अधिकार दिया गया है। दुकानों के आवंटन से प्राप्त होने वाले राजस्व का लक्ष्य भी जिलावार निर्धारित किया गया है। जिस जिले में शराब की जितनी दुकानें और खपत है उस हिसाब से उसका लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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जिले का जो लक्ष्य होगा उसके हिसाब से जिलाधिकारी दुकानों का आवंटन करेंगे। चालू वित्त वर्ष के लिए देहरादून जनपद में दुकानों के आवंटन से हासिल होने वाले राजस्व का लक्ष्य लगभग 422 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
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नई आबकारी नीति को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद आबकारी आयुक्त युगल किशोर पंत ने वीडियो क्रांफ्रेंसिंग कर सभी जिला आबकारी अधिकारियों (डीईओ) को इस बारे में अवगत कराया। उन्होंने डीईओ को आबकारी नीति की मुख्य बातों के बारे में डीईओ को जानकारी दी और इस हिसाब से तैयारी शुरू कर देने का निर्देश दिया।
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जानकारी के मुताबिक आबकारी विभाग को चालू वित्त वर्ष के लिए 2310 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इसमें दुकानों के आवंटन से प्राप्त होने वाले राजस्व लगभग 1487 करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान विभाग को दुकानों के आवंटन से लगभग 1187 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ था।
विभाग के सूत्रों के मुताबिक आबकारी के राजस्व का जो जनपद वार लक्ष्य दिया गया है उसमें दून को लगभग 422 करोड़ रुपये और हरिद्वार को लगभग 250 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। जिलों को लक्ष्य दुकानों की संख्या और शराब की खपत के हिसाब से दिया गया है।