नसबंदी कैंप में हरिद्वार से आई जहरीली दवा!
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छत्तीसगढ़ में नसबंदी के ऑपरेशन में 21 महिलाओं की मौत के बाद बुधवार को जांच के लिए केंद्रीय टीम हरिद्वार पहुंची।
उन्होंने दवा सप्लाई करने वाली कंपनी टेक्निका लैब एंड फार्मा से 10 दवाइयों के सैंपल भरे और कंपनी के प्रोडक्शन और सप्लाई पर रोक लगा दी।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में नसबंदी के ऑपरेशन के बाद 21 महिलाओं की मौत के बाद जांच में गोलियों में जिंक फॉसफेट का मिश्रण मिलने की बात सामने आई थी।
यह दवाई हरिद्वार के सिडकुल की टेक्निका लैब एंड फार्मा कंपनी से सप्लाई की गई थी। मामले की जांच के लिए बुधवार को केंद्रीय टीम हरिद्वार पहुंची। वहीं हरिद्वार के ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे।
रुकवा दिया गया कंपनी का प्रोडक्शन
पूछताछ के बाद कंपनी में तैयार हो रही दवाइयों के सॉल्ट के 10 सैंपल लिए गए और कंपनी का प्रोडक्शन रुकवा दिया गया।
इस संबंध में फार्मा कंपनी के मैनेजर का कहना है कि डेढ़ साल पहले 90 लाख गोलियां सप्लाई हुई थी। उन्होंने दावा कि दवाइयों में कोई कमी या जानलेवा सॉल्ट नहीं था।
दवाइयों के 10 सैंपल जांच के लिए दिल्ली लैब भेजे गए हैं। इसके अलावा अन्य जांच चल रही है। फिलहाल कंपनी में प्रोडक्शन एवं सप्लाई को रुकवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मानवेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर हरिद्वार
छत्तीसगढ़ में डेढ़ साल पहले 90 लाख की दवाई सप्लाई की थी, लेकिन कभी कोई शिकायत नहीं मिली। जिस दवाई के प्रयोग से महिलाओं की मौत होना बताया जा रहा है, उसमें जिंक फॉसफेट का कभी प्रयोग नहीं किया गया। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
- केशव शर्मा, मैनेजर, टेक्निका लैब एंड फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, सिडकुल हरिद्वार