घरों में मौत बनकर दौड़ा हाई वोल्टेज करंट, एक मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार के द्वारीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत धारी के कई घरों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ने से एक व्यक्ति की मौत और दो महिलाएं गंभीर रुप से घायल हो गईं।
घायलों को कोटद्वार राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। सूचना पर गांव पहुंचे ऊर्जा निगम के अधिकारियों को ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों ने घटना के लिए विभाग को जिम्मेदार ठहराया। घटना शनिवार दोपहर की है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में तीन दिन से बिजली गुल थी। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने लाइनमैन से की। शनिवार दिन में ट्रांसफार्मर के तार जोड़ने के बाद गांव की लाइनों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ पड़ा। बिजली न होने पर ग्रामीणों ने अपने स्वीच आन ही रखे थे।
जैसे ही लोगों ने स्वीच ऑफ करने के लिए बटन पर हाथ लगाया करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि जमेली में मदन सिंह (37) पुत्र स्व. दिग्विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
इसी गांव की शशि देवी (52) पत्नी बृजपाल सिंह और गोंत्याली जमेली निवासी अंजनी देवी (19) पत्नी विनोद कुमार को करंट लगने से घायल हो गई। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। लोग घायलों को लेकर डाडामंडी अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने दोनों घायल महिलाओं को कोटद्वार रेफर कर दिया।
घटना से ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई लोगों के टीवी, फ्रिज समेत बिजली के अन्य उपकरण फुंक गए। सूचना मिलते ही लैंसडौन के तहसीलदार अमलानंद जमेली गांव पहुंचे।
उन्हें शव को कब्जे में लेने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गुस्साए ग्रामीण अधिशासी अभियंता को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही जमेली पहुंचे ऊर्जा निगम के पांच जूनियर इंजीनियरों को ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने उन्हें विभागीय कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर खरी-खोटी सुनाई।
धारी के प्रधान देवेंद्र सिंह, जमेली के राकेश कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर या लाइनों में फाल्ट आने पर लाइनमैन खुद काम न कर श्रमिकों से फाल्ट दिखवाते हैं। यह हादसा भी इसी का परिणाम है।
घटना के जांच के आदेश
धारी और जमेली गांव में हाईवोल्टेज करंट दौड़ने के मामले में यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के लिए दोषी किसी भी अधिकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जयहरीखाल के एसडीओ को जांच सौंप दी गई है।