सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जीवित किसान का मृत्यु प्रमाणपत्र, जानें क्या है पूरा मामला
- शिकायत पर त्यूनी के थाना प्रभारी ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित पहुंचा एसएसपी कार्यालय
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देहरादून में विकासनगर के त्यूनी के एक जीवित किसान का शरारती तत्वों ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शिकायत पर भी थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो नाराज किसान ने एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने मिलकर दुखड़ा सुनाया। इस पर एसएसपी ने साइबर सेल को तह तक जाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
देहरादून जिले में त्यूनी तहसील के सैज तंराणू निवासी भागमल शर्मा खेती कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। शरारती तत्वों ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर उसे जारी कर दिया। मृत्यु प्रमाणपत्र वर्ष 2014 का बताया जा रहा है। उसके बाद शरारती तत्वों ने उसे 28 सितंबर 2019 को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
एक परिचित ने अपने मोबाइल पर मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाया तो किसान भागमल को जालसाजी का पता चला। उसके बाद प्रमाणपत्र जारी करने वाले संबंधित विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताई।
इस पर पीड़ित ने 17 अक्तूबर को त्यूनी के थाना प्रभारी को शिकायती पत्र दिया। लेकिन, त्यूनी पुलिस ने दो माह में इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज किसान ने एसएसपी से मिलकर दुखड़ा सुनाया।
जीवित रहते किसी का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का मामला बेहद गंभीर है। साइबर सेल को जल्द प्रमाणपत्र वायरल करने वाले का पता लगाने को कहा गया है। आरोपी के पकड़ में आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि मृत्यु प्रमाणपत्र कहां से क्यों जारी किया गया। इस पूरे खेल में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अरुण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक