फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dead child alive suddenly in roorkee hospital

डॉक्टरों ने बच्ची को किर दिया था मृत घोषित, आधी रात को अचानक चलने लगी सांसे और फिर...

Fri, 16 Feb 2018 07:44 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की Updated Fri, 16 Feb 2018 07:44 AM IST
विज्ञापन
Dead child alive suddenly in roorkee hospital
नवजात शिशु

डॉक्टर बच्चे को मृत घोषित कर चुके थे। लेकिन आधी रात को अचानक उसी सांसे चलने लगीं। इसके बाद जो हुआ आगे जानिए...

विज्ञापन


शहर के एक अस्पताल में जीवित नवजात बच्ची को डाक्टरों ने मृत घोषित कर करीब चार घंटे तक लावारिस में रख दिया। रात 11 बजे चिकित्सकों ने घर ले जाने के लिए नवजात को परिजनों के सुपुर्द किया कर दिया।

इस दौरान बच्ची में हरकत होने से परिजन भड़क गए और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। देर रात परिजनों ने बच्ची को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजन पुलिस में शिकायत करने की बात कह रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन परिजनों को गलतफहमी होने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन


देवपुर निवासी शेर सिंह की पत्नी मोनिका को बुधवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। आननफानन में परिजन इसे लेकर रुड़की के बोट क्लब स्थित मिशनरी अस्पताल में पहुंचे। करीब सात बजे मोनिका ने बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान चिकित्सकों ने दावा किया कि बच्ची की हालत ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Dead child alive suddenly in roorkee hospital
child mother monika

इसके कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। गांव से पहुंचे परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से सुबह बच्ची को ले जाने की बात कही। परिजनों के अनुसार रात करीब 11 बजे चिकित्सकों ने बच्ची को रातभर रखने से इनकार करते हुए उसे तुरंत ले जाने के लिए कहा और बच्ची उन्हें सौंप दी।

परिजनों ने बताया जिस समय डॉक्टरों ने बच्ची को सौंपा तो उन्हें उसमें कुछ हरकत दिखी। उससे साफ हो गया कि बच्ची जीवित है। इस पर परिजनों ने मौके पर ही स्टाफ और डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों न आरोप लगाया कि जीवित बच्ची को अस्पताल प्रबंधक ने रात 11 बजे तक लावारिस में रखा।

घंटों हंगामा होने के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ और गुस्साए परिजन रात को ही बच्ची को लेकर दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती कराया, लेकिन बृहस्पतिवार दोपहर तक मोनिका मिशन अस्पताल में ही भर्ती रही। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही की वजह से उन्हें अपनी बच्ची को दूसरे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।

परिजनों को समझने में गलती हुई है। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को यह नहीं कहा कि बच्ची की मौत हो चुकी है, लेकिन बच्ची की पैदा होने के बाद से ही हालत खराब थी। जिसके चलते परिजनों को बच्ची किसी अन्य अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा जा रहा था। परिजनों को पूरी तरह गलतफहमी हुई है।
डा. अखिला, इंचार्ज मिशन हास्पिटल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed