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रूढ़ियां तोड़ बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज, पिता की चिता को मुखाग्नि देकर किया अंतिम संस्कार
Sun, 10 May 2020 04:06 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्णप्रयाग(चमोली)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्णप्रयाग(चमोली)
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 10 May 2020 04:06 PM IST
सार
- शिक्षिका ज्योति ने अपने पिता की अर्थी को कंधा देने के बाद शमशान घाट पर दी मुखाग्नि
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बेटी ने पिता का अंतिम संस्कार किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ उत्तराखंड के कर्णप्रयाग की एक बेटी ने बेटे का फर्ज निभाया। बेटी ने अपने पिता की अर्थी को न सिर्फ कंधा दिया बल्कि मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार भी किया।
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कर्णप्रयाग निवासी पीताम्बर दत्त कांडपाल का शनिवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। रविवार को कर्णप्रयाग के कर्णकुंड शमशान घाट पर पीतांबर दत्त कांडपाल का अंतिम संस्कार किया गया।
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उनकी दो बेटियां हैं। गमगीन माहौल में उनकी बड़ी बेटी शिक्षिका ज्योति कांडपाल ने शव यात्रा के दौरान पहले अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया और उसके बाद शमशान घाट जाकर गमगीन माहौल में मुखाग्नि दी।
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पीतांबर दत्त कांडपाल ने शिक्षक के पद से रिटायर होने के बाद सन 2000 में एलएलबी की थी। वे वर्तमान समय में कर्णप्रयाग कोर्ट में अधिवक्ता थे और कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।