आजादी के जश्न पर शर्मनाक काम: अंबेडकर पर गीत गाने से दलित छात्र को रोका
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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बादशाहपुर के नेहरू इंटर कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक दलित छात्र को डॉ. भीमराव अंबेडकर पर रचित गीत गाने से रोकने का मामला सामने आया है। विरोध में मंगलवार को परिजनों, ग्रामीणों और बसपा कार्यकर्ताओं ने फेरुपुर चौकी पर हंगामा किया। शिक्षकों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोमवार को बादशाहपुर के नेहरू इंटर कॉलेज में कार्यक्रम चल रहे थे। इस दौरान 11वीं के एक दलित छात्र ने गीत गाने की पेशकश की। छात्र का आरोप है कि मंच पर पहुंचने के बाद जब संचालन कर रहे शिक्षक को यह पता चला कि गीत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आधारित है तो उसे मंच से नीचे उतार दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई।
हंगामा होने पर गीत तो गाने दिया गया, लेकिन आरोप है कि हंगामे के दौरान कई शिक्षकों ने छात्र और ग्रामीणों को जातिसूचक शब्द कहे। मंगलवार को इसकी जानकारी बसपा नेताओं और ग्रामीणों को लगी तो मामला तूल पकड़ गया। मंगलवार सुबह बसपा नेता मुकर्रम अंसारी के साथ परिजन और बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता पुलिस चौकी पहुंचे और हंगामा काटा। मुकर्रम अंसारी ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब का अपमान किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
24 घंटे में कार्रवाई करने का दिया अल्टीमेटम
आरोपी शिक्षकों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर एसएसपी दफ्तर का घेराव करने की चेतावनी दी गई। छात्र के अलावा भारतीय मूल संस्कृति चेतना मिशन संस्था ने भी चौकी प्रभारी को शिक्षकों के खिलाफ तहरीर दी। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवीएस गौतम ने कहा कि ड\. अंबेडकर का अपमान करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं चौकी प्रभारी केदार सिंह चौहान का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
कार्यकर्ताओं को बाहर भेजने पर नोंकझोंक
घटना के विरोध में चौकी प्रभारी के कार्यालय में भीड़ होने पर उन्होंने ग्रामीणों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर वहां बसपा कार्यकर्ताओं और चौकी प्रभारी के बीच नोकझोंक भी हुई। बसपा नेता मुकर्रम अंसारी ने कहा कि यह दलित सम्मान से जुड़ा मामला है। सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। इसके बाद बारी बारी से ग्रामीणों ने अपनी बात रखी।
स्कूल ने बेबुनियाद बताए आरोप
इंटर कालेज प्रशासन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। प्रधानाचार्य इलियास अहमद का कहना है कि कॉलेज में किसी भी बच्चे को गाना गाने से नहीं रोका गया। सभी आरोप बेबुनियाद व निराधार हैं।