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अब सेना के नाम पर साइबर ठग इस तरह से आपके खातों में लगा रहे सेंध, पढ़ें और सावधान हो जाएं...

Tue, 12 Mar 2019 10:12 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देव कश्यप Updated Tue, 12 Mar 2019 10:12 PM IST
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Cyber Criminals Do Swindle in name of indian army
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

स्पेशल टास्क फोर्स ने भारतीय सेना में होने का झांसा देकर ठगी करने वाले राजस्थान के दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन ठगों ने देहरादून के एक युवक को ओएलएक्स पर कार बेचने के नाम पर 70 हजार रुपये ठग लिए थे। आरोपियों ने आर्मी का एक फर्जी कार्ड भी बना रखा था, जो संबंधित सामान के साथ लगाया जाता था, ताकि सामान खरीदने वाले को किसी तरह का शक ना हो।   

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एसटीएफ की एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को शिकार बनाने के लिए रोजाना नए हथकंडे अपना रहे हैं। राजस्थान का एक गिरोह खुद को भारतीय सेना में कार्यरत बताकर ओएलएक्स पर कार और मोबाइल बेचने के नाम पर ठगी कर रहा था।
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इस गिरोह ने देहरादून के एक युवक को कार बेचने के नाम पर 70 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित युवक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर सीओ कैलाश पंवार के निर्देशन में आरोपियों की धरपकड़ को टीम गठित की गई।

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साइबर थाने के निरीक्षक रविंद्र कुमार चमोली ने विवेचना के दौरान बैंक खातों और अन्य तकनीक के आधार पर पता लगाया कि यह ठग राजस्थान में सक्रिय है। साक्ष्यों के संकलन के बाद राजस्थान के अलवर जिले से असलम और मनोज कुमार निवासी ककराली मेव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने लालच देकर ठगी की कई घटनाओं का खुलासा किया। इनके बैंक खातों में लाखों का लेन-देन पकड़ा गया है।

ई-सेंटर संचालित करते हैं आरोपी
एसटीएफ एसएसपी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी राजस्थान में ई-सेंटर संचालित करते है। जहां पर आधार कार्ड और दूसरे इलेक्ट्रानिक दस्तावेज बनाने का काम होता है। पूछताछ में इनके कई अन्य साथियों के नाम भी प्रकाश में आए है, जिनके खिलाफ साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। 

ऑनलाइन कोई भी सामान खरीदते समय सतर्कता बरतने की जरूरत है। साइबर ठग लालच देकर आसानी से लोगों को शिकार बना रहे है। ऐसे में बैंक खातों में धन स्थानांतरित करते हुए  संबंधित को अच्छी तरह जांच परख लिया जाए। राजस्थान का यह गैंग भारतीय सेना में होने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। शिकायतकर्ता ने ठगों के बैंक खातों में रकम डालते हुए एक बार नहीं सोचा कि 70 हजार में लग्जरी कार कैसे मिल सकती है। 
- रिधिम अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ।

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