मुफ्त ओपीडी और पैथोलॉजी जांच को दून अस्पताल में लगी भीड़
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उपनलकर्मियों की हड़ताल के चलते राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोगियों की मुफ्त ओपीडी और पैथोलॉजी जांच की गई। हड़ताल के कारण सभी बिलिंग काउंटर पूरी तरह बंद रहे और रोगियों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सका।
मुफ्त रजिस्ट्रेशन और पैथोलॉजी जांच से अस्पताल को हजारों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। वहीं एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे जैसी सेवाओं में मरीजों ने नगद पैसा लिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने आज से बिलिंग काउंटर खोलने का दावा किया है।
विभिन्न मांगों को लेकर उपनल संविदा कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में उपनल के करीब 173 संविदाकर्मी तैनात हैं। सोमवार को उनके हड़ताल पर रहने से रजिस्ट्रेशन और बिलिंग काउंटर पूरी तरह बंद रहे। इसके चलते मरीजों के ओपीडी और पैथोलॉजी जांच के पर्चे नहीं बन सके।
मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रबंधन ने बिना पर्चे के जांच की सुविधा दी। जिसके बाद ओपीडी में डॉक्टरों ने सफेद पर्चे पर जांच और दवाएं लिखी। वहीं पैथोलॉजी जांच के लिए भी बिलिंग नहीं हो सकी। डॉक्टर से जांच लिखवाने के बाद लोग सीधे पैथोलॉजी पहुंचे और जांचें कराई। हालांकि इस दौरान पैथोलॉजी में मरीजों की भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई।
अस्पताल के रेगुलर कर्मियों को अनुभव नहीं होने के कारण मरीजों का पंजीकरण करने में परेशानी हुई। समय ज्यादा लगने पर कई बार मरीजों ने हल्ला भी किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सोमवार को अन्य दिनों की तुलना में ज्यादा मरीजों की जांच हुई।
अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने खुद सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मंगलवार से व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के सभी कर्मियों की ड्यूटी अगले दो दिन के लिए अस्पताल में लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि आज से मैनुअल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। साथ ही पैथोलॉजी में भी नगद शुल्क वसूला जाएगा।
मरीजों को दोहरा फायदा, न पैसा लगा न लाइन
रजिस्ट्रेशन और बिलिंग नहीं होने से अस्पताल को भले ही नुकसान हुआ हो लेकिन मरीजों को दोहरा लाभ हुआ। एक तो उनकी रजिस्ट्रेशन और बिलिंग का पैसा नहीं लिया गया वहीं उनका समय भी बचा। मरीजों को पहले रजिस्ट्रेशन और बाद में बिलिंग के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ी।
अकेले संभाली एमआरआई
अस्पताल के एमआरआई विभाग में प्रभारी महेंद्र सिंह भंडारी के साथ पांच उपनलकर्मी तैनात हैं। सोमवार को पांचों उपनल कर्मियों के हड़ताल पर रहने पर महेंद्र ने अकेले जिम्मेदारी निभाई। मरीजों की बिलिंग से लेकर उनको एमआरआई में शिफ्ट कराने और टेस्ट कराने तक का काम उन्होंने अकेले किया। उनके प्रयासों के चलते अस्पताल में एमआरआई सेवा सुचारू चलती रही।
एमएसबीवाई मरीज परेशान
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और भर्ती होने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। गंभीर मरीजों को छोड़कर अस्पताल ने अन्य मरीजों को भर्ती नहीं किया। जिन मरीजों को भर्ती किया गया, उनके दस्तावेज आज से बनाए जाएंगे।
नहीं मिली सस्ती दवा
अस्पताल के दवा काउंटर पर हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा लेकिन मरीजों को सस्ती दवा नहीं मिल सकी। जेनेरिक दवा स्टोर बंद होने के कारण मरीज परेशान रहे। चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने स्टोर बंद होने पर नाराजगी जताई।