'मासूम की अंगुली काटने का मामला फर्जी', पिता बोले इंसाफ लेकर रहेंगे
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हरिद्वार के लक्सर कोतवाली पुलिस ने भुरना गांव में आठ वर्षीय मासूम की अंगुली काटने के मामले को तीन दिन बाद रफा-दफा कर दिया है। जांच अधिकारी ने मामले को फर्जी करार देते हुए मुकदमे में एफआर लगा दी है। उधर पीड़ित पक्ष ने आला अधिकारियों तक मामला ले जाने की बात कही है।
लक्सर कोतवाली में तीन दिन पहले भुरना गांव से मासूम आठ वर्षीय आर्यन की अंगुली काटने का मामला सामने आया था। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को कब्जे में ले लिया था। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद जांच अधिकारी ने मामले को फर्जी करार देते हुए मुकदमे में एफआर लगा दी है।
जांच अधिकारी रघुवीर सिंह ने बताया कि मामले को लेकर गांव में जांच पड़ताल की जा चुकी है। इसमें सामने आया है कि खेलते समय बच्चे की अंगुली घास काटने की मशीन में आ गई थी।
पिता ने कहा, पुलिस दे रही अपराधियों का साथ
इसके चलते बच्चे की अंगुली कटकर अलग हो गई थी। मामला फर्जी होने के कारण मुकदमे को समाप्त कर दिया गया है। किसी निर्दोष को झूठे मामले में जेल नहीं भेजा जा सकता है। इससे पहले शुक्रवार शाम पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुअज्ज्जिन व्यक्तियों की सुपुर्दगी में दे दिया था।
आर्यन के पिता रोहताश सिंह का कहना है कि कोतवाली पुलिस खुलकर आरोपियों का साथ दे रही है। लेकिन वह अपने बच्चे को इंसाफ दिलाने के लिए अफसरों का दरवाजा खट खटाएंगे।