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घर से भागकर आया था रेस्टोरेंट मालकिन का हत्यारा

Sat, 15 Nov 2014 03:42 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 15 Nov 2014 03:42 PM IST
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muder in haridwar.

हरकी पैड़ी स्थित शेरे-ए-पंजाब रेस्टोरेंट मालकिन सुशीला शर्मा की हत्या उसके कर्मचारी छोटू उर्फ नंदकिशोर ने ही तनख्वाह और छुट्टी न मिलने पर की थी।

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रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर भेजा जेल

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हत्या के दिन ही तड़के नगदी आदि अन्य सामान समेटकर ट्रेन से दिल्ली होते हुए अपने घर राजस्थान पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी को चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पांच नवंबर की सुबह हरकी पैड़ी पर सुशीला शर्मा का शव रेस्टोरेंट में खून से लथपथ मिला था। घटनास्थल से सुशीला का मोबाइल, चैन, अंगूठी और नगदी गायब थी। रेस्टोरेंट कर्मी संतराम भट्ट (निवासी ग्राम भटवाड़ा सिमल्टीधार, जिला टिहरी गढ़वाल) ने फरार रेस्टोरेंट कर्मी छोटू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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शुक्रवार को सीसीआर में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सुशीला के गायब मोबाइल से घटना के दिन एक नंबर पर फोन हुआ था।

उसकी लोकेशन के आधार पर हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज मोहन सिंह, कांस्टेबल आशीष बिष्ट, दिनेश चौधरी एवं गुलशन रेस्टोरेंट कर्मी दिलबर सिंह को साथ लेकर राजस्थान पहुंचे।

13 नवंबर की शाम साढ़े चार बजे पुलिस ने चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से छोटू उर्फ नंदू उर्फ नंदकिशोर (उम्र 19, पुत्र गोपालजी, निवासी लौहार, स्टेशन रानीखेड़ा थाना सदर निंबाडा, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान) को गिरफ्तार किया।

रेस्टोरेंट कर्मी दिलबर ने छोटू को पहचाना। पूछताछ में छोटू ने रेस्टोरेंट मालकिन सुशीला शर्मा की हत्या की बात कबूली। उसके बाद मृत शरीर से अपनी हवस मिटाई।

छोटू ने बताया वह रेस्टोरेंट से छह हजार रुपये व अन्य सामान लेकर सुबह साढे़ चार बजे हरिद्वार से ट्रेन पकड़कर दिल्ली होते हुए राजस्थान पहुंचा। एसएसपी ने पुलिस टीम को 2500 रुपए इनाम देने की घोषणा की है।

खाना भी फेंककर दिया
आरोपी छोटू घर से भागकर हरिद्वार आया था। कई दिनों तक घाटों पर पैसे ढूंढकर गुजर-बसर किया। छह माह पहले शेर-ए-पंजाब रेस्टोरेंट में नौकरी मिली। जहां उसे प्रतिदिन सौ रुपए मिलते थे। चार नवंबर को उसके हाथ में कट लग गया।

इलाज कराने के लिए उसने सुशीला से रुपये व छुट्टी मांगी। लेकिन उसने नहीं दी। सुशीला एवं मैनेजर राहुल ने उसे चिढ़ाया था और खाना भी फेंककर दिया था। रात 11 बजे सभी नौकर चले गए और छोटू सुशीला के सोने का इंतजार करने लगा।

रात डेढ़ बजे नींद की गोली खाकर सोई सुशीला के गले पर सुए से ताबड़तोड़ वार कर दिए। चिल्लाने पर उसने सुशीला का गला दबा दिया। उसके बाद भी सुए से वार किए।

कहानी पर परिजनों को यकीन नहीं

सुशीला के पति सुरेश शर्मा निवासी होशियार, पंजाब भी खुलासे के दौरान सीसीआर टावर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने छोटू को फोकस कर जिस तरह हत्या की कहानी बताई है वह गले नहीं उतर रही है।


सुशीला की हत्या अकेला छोटू नहीं कर सकता। सुरेश ने बताया कि उनके पुत्र की सन 2010 में मौत हो गई थी। लेकिन राशन कार्ड में जिस दूसरे पुत्र का नाम राजकुमार दर्ज है वह उनके घर में नौकरी करता था। उसे सुशीला चाहती थी। बताया कि उनकी शादी 1979 में हुई थी और आठ साल से दूर रह रही थी।

14 सेकेंड की कॉल से मिली लोकेशन
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को वही मोबाइल सहारा बना जिससे अंतिम बार 14 सेकेंड की काल की गई थी। अमर उजाला ने बताया भी था कि 14 सेकेंड की काल ही आरोपी का सुराग लगाने में अहम बन सकता है। काल करने पर मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस राजस्थान पहुंची और आरोपी को दबोचा।

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