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घोटालेबाज मैनेजर को सात साल की जेल
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 05 Feb 2014 06:54 PM IST
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फर्जी दस्तावेज बनाकर गबन करने वाले एसबीआई लदोली के पूर्व शाखा प्रबंधक को सात साल के सश्रम कारावास की सजा हो गई है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिरुद्ध भट्ट की अदालत ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त पर 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
2010 मे दर्ज हुआ था मामला
तीन मार्च 2010 को एसबीआई लदोली के तत्कालीन शाखा प्रबंधक जगपाल सिंह ने कोतवाली में पूर्व शाखा प्रबंधक नवीन प्रकाश निवासी साकेतपुरी (राजेंद्रनगर) पटना बिहार (हाल निवास 9 एचएनबी कालोनी, अजबपुर खुर्द, थाना- नेहरू कालोनी देहरादून) के खिलाफ 23 लाख 30 हजार रुपये गबन का मुकदमा पंजीकृत कराया था।
इस मामले की बैंक की ओर से कराई गई जांच में अभियुक्त द्वारा गबन करने की पुष्टि हुई थी।
खोले थे फर्जी ऋण खाते
कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैंक के जांच अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि अभियुक्त ने बैंक में अपने और अन्य लोगों के नाम से झूठे ऋण खाते खोले। अभियुक्त ने बैंक खातों में हेराफेरी की।
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उसने स्थानांतरित हो चुके कर्मचारी सहित अन्य खातेधारकों के नाम से ऋण खाते खोले। ऋण लेने पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगाया गया।
कोर्ट ने पाया दोषी
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त ने 24 जून 2008 से नौ अक्तूबर 2009 तक शाखा प्रबंधक पद पर रहते हुए बैंक को तीन लाख 86 हजार148 रुपये ब्याज का नुकसान पहुंचाया।
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अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अभियुक्त नवीन को बैंक के धन के गबन का दोषी पाया। कोर्ट ने अभियुक्त को सात साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।