जेल में रहकर 'उस्ताद' हो गया लाडली का हत्यारा
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अब तक तोते की तरह लाडली हत्याकांड की कहानी कह रहा मुख्य आरोपी अख्तर अली उर्फ उस्ताद जेल में जाकर ‘उस्ताद’ हो गया है।
रिमांड में पूछताछ के दौरान उसने पुलिस के सामने अपना मुंह नहीं खोला। दो अन्य आरोपियों प्रेमपाल और पॉक्सी ने भी लाडली के अपहरण से लेकर उससे दुराचार तक के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया। पुलिस उन्हें शनिवार तड़के अंधेरे में घटनास्थल तस्दीक कराने ले गई।
तीनों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर रिमांड पर लिया। इसके बाद उन्हें लेकर टीम सीधे चोरगलिया थाने पहुंची, जहां उसने लगातार पूछताछ की गई। रातभर एसएसपी सेंथिल अबुदई, एसपी सिटी यशवंत सिंह, एएसपी श्वेता चौबे और जांच टीम ने आरोपियों से पूछताछ की।
डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार
आरोपियों से पूछा गया कि लाडली को कहां से उठाया, कैसे गौलापार ले गया, किस-किस ने उससे दुराचार किया। इसी तरह की तमाम और बातें उनसे पूछी गई लेकिन किसी ने पुलिस को कुछ खास नहीं बताया।
दर्जनों बार एक ही सवाल पूछने पर भी वे गोलमोल जवाब देते रहे। सूत्रों का कहना है कि तीनों इस बात से भी मुकर रहे थे कि उन्होंने घटना की। न तो पुलिस को रिमांड में घटना से जुड़ी कोई नई जानकारी मिल पाई और न ही कोई वस्तु।
इसके बाद शनिवार शाम पुलिस ने तीनों को वापस जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस, लाडली के परिजन और हल्द्वानी की जनता डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
डीएनए जांच रिपोर्ट के बाद ही पुष्टि हो पाएगी कि तीन घटना में शामिल थे या तीनों में से कोई एक या दो या कोई भी शामिल नहीं था। डीएनए सैंपल जांच के लिए देहरादून लैब भेजे गए हैं, जहां से जल्द ही रिपोर्ट आने की उम्मीद है।