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3 लाख रुपये में होता था किडनी का सौदा, रैकेट का भंडाफोड़ होते ही कई राज खुले

Mon, 11 Sep 2017 08:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला Updated Mon, 11 Sep 2017 08:25 PM IST
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kidney racket expose in dehradun
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देहरादून हरिद्वार मार्ग पर लालतप्पड़ स्थित गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल में देहरादून व हरिद्वार पुलिस ने ज्वाइंट आपरेशन चलाकर किडनी स्कैंडल का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किडनी खरीद फरोख्त का धंधा चल रहा था। पैसों का लालच देकर गरीब लोगों को अस्पताल में किडनी निकालने के लिए लाया जाता था। पुलिस ने इस मामले ने एक आरोपी जावेद खान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गोरखधंधे से जुड़े मुख्य सरगना डॉ. अमित रावल अभी फरार है।

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रविवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी की लालतप्पड़ स्थित गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल में किडनी निकालने का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर देहरादून और हरिद्वार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। सुबह तड़के चार बजे पुलिस ने सप्तऋषि चौकी के पास इनोवा को रोककर पूछताछ की गई। 
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कार में चालक समेत दो पुरुष और दो महिलाएं बैठी हुई थी। कार में सवार लोगों की पहचान भावजी भाई (48) पुत्र टापू भाई ठाकुर निवासी कलामू ग्राम सिंधाली थाना मोहोदा जिला खेडा, गुजरात, शेखताज अली (28) पुत्र शेख मुशरफ अली, वासुदेवपुर कंचा रोड 128 बेहाजा दक्षिण परगना वेस्ट बंगाल, सुसामा बनर्जी 42 पत्नी विपुल बनर्जी निवासी हल्दर औबजान पारा शहजादापुर जोयनगर दक्षिण परगना, कृष्णा दास (32) पत्नि विश्वजीत दास निवासी पौजावड़ पोस्टराम सुंदरपुर जिला प्रभूव मेहन्दीपुर, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई।

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किडनी के बदले तीन लाख का सौदा

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कार चालक ने अपना नाम दीपक कुमार पुत्र बीरबल सिंह निवासी इब्राहिमपुर थाना पथरी जिला हरिद्वार बताया। पूछताछ में भावजी ने बताया कि एक व्यक्ति जावेद खान पुत्र सरवर खान निवासी ग्रीनपार्क सोसायटी एसजी स्कूल एसबीएस रोड संताक्रूज, मुंबई सभी को लेकर गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल लालतप्पड़ लेकर आया था। किडनी के बदले तीन लाख की रकम देना तय हुआ था। सबसे पहले कृष्णादास और शेखताज अली की किडनी निकाली गई। उसके बाद भावजी और सुसामा का नंबर आना था। 

जावेद द्वारा जब तय रकम नहीं दी गई तो सुसामा ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मामले को तूल पकड़ता देख अस्पताल ने सभी चारों को इनोवा कार से दिल्ली के लिए रवाना किया। इसी बीच पुलिस ने दबोच लिया। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पुलिस को देखते ही आरोपी जावेद खान ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से पकड़ में आ गया। मामले का सरगना आरोपी डॉ. अमित रावल अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। 

एसएसपी ने बताया कि घटनास्थल से ओमान के टिकट मिले हैं। सभंवता किडनी की खरीद फरोख्त अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग और एफएसएल की टीमों मिलकर जांच कर रही हैं। अस्पताल के स्टाफ की भूमिका की जांच हो रही है। इस दौरान एसपी देहात सरिता डोभाल, सीओ लोकेश्वर सिंह, कोतवाल ओमवीर सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

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