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पढ़ें, कैसे मोबाइल के जुनून में हत्यारा बना ITBP का सिपाही

Sun, 12 Jul 2015 04:27 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 12 Jul 2015 04:27 PM IST
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firing in mussorie IAS academy.

मोबाइल के जुनून में एलबीएस अकादमी में आईटीबीपी चौकी में खून-खराबा कर फरार सिपाही ने चंडीगढ़ में सरेंडर कर दिया। देहरादून पुलिस चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई है। हत्यारोपी चंद्रशेखर को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जाएगा। फिलहाल, असलहे और कारतूस की जानकारी नहीं मिल पाई है।

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इससे पहले पुलिस यह आशंका जता रही थी कि चंद्रशेखर लिफ्ट लेकर फरार हो गया है। सक्रियता में देरी की वजह से फरारी के लिए उसे काफी वक्त मिल गया था। वारदात से पहले आरोपी द्वारा खाते से मोटी रकम निकालना भी कई सवालों को जन्म दे रहा था।
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मसूरी में आईटीबीपी के सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र लाल की हत्या और जवान अख्तर हुसैन के घायल करने की वारदात के काफी देर बाद पुलिस और आईटीबीपी सक्रिय हो पाई थी। इसका पूरा फायदा हत्यारोपी चंद्रशेखर का मिला और फरार हो गया।
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आईटीबीपी और पुलिस उसकी तलाश में कंपनी बाग में लगी रही, लेकिन वह कैंपटीफॉल से फरार हो गया था। चौबीस घंटे की भागदौड़ के बाद पुलिस और आईटीबीपी मानकर चल रही थी कि आरोपी अब इलाके में नहीं है। कैंपटीफॉल से रात के वक्त गए प्राइवेट वाहनों के चालकों से पूछताछ की गई थी, लेकिन किसी ने भी आईटीबीपी के जवान को ले जाने की पुष्टि नहीं की।

आरोपी के पास 90 से अधिक गोलियां

firing in mussorie IAS academy.

इसी लिए आशंका जताई जा रही थी कि आरोपी किसी प्राइवेट वाहन में लिफ्ट लेकर निकला गया है। जांच पड़ताल में यह भी पता चला है कि चंद्रशेखर ने शुक्रवार को दिन में अपने बैंक खाते से मोटी रकम भी निकाली थी।

रकम निकालने का मकसद क्या था? क्या उसके दिलो-दिमाग में खून बहाने की तैयारी थी? इन सब पहलुओं पर पुलिस पड़ताल कर रही है। एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि तमाम संभावनाओं पर काम चल रहा है।

फरार जवान चंद्रशेखर के पास एलएमजी के साथ 90 के करीब गोलियां होने की उम्मीद है। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि आईटीबीपी की तरफ से अभी यही जानकारी दी गई है।

परिजनों से भी नहीं साधा संपर्क
गार्द कमांडर की हत्या और साथी को घायल करके फरार चंद्रशेखर ने अभी तक अपने परिजनों और दोस्तों से संपर्क नहीं साधा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद चंद्रशेखर के परिजन भी हिमाचल से मसूरी पहुंच गए।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मिलकर गहरा दुख जताया है। पंजाब में प्राइवेट जॉब करने वाले चंद्रशेखर के बड़े भाई चंदरभान ने बताया कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर चंद्रशेखर यह कदम क्यों उठाया? चंद्रशेखर अभी अविवाहित है।

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