उत्तराखंड में पकड़ी जाली करेंसी की खेप, चप्पल खरीदने में फंसे तस्कर
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अल्मोड़ा पुलिस ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लाख रुपये के नकली नोटों के साथ तीन तस्करों को दबोच लिया। इसके अलावा उनके पास से एक लाख पांच हजार रुपये के असली नोट मिले हैं। तस्करों का यह गैंग काफी समय से उत्तराखंड में सक्रिय था। सूबे में इतने बड़े स्तर पर जाली करेंसी पकड़े जाने का यह पहला मामला है।
व्यापारी द्वारा एक जोड़ी चप्पल खरीदने के बदले मिले एक हजार के नकली नोट की शिकायत की बदौलत पुलिस उन तक पहुंची है। पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम को बीस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने बताया कि अल्मोड़ा के द्वारहाट के व्यापारी ओमनाथ आर्य ने तीन अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक शख्स ने 100 रुपये की चप्पल खरीदते हुए एक हजार रुपये का नोट दिया था। 900 रुपये लौटाने के बाद पता चला कि नोट नकली है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हुलिए के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया।
उत्तराखंड के कई इलाकों में सक्रिय है गैंग
एसएसपी ने एसओजी, द्वाराहाट और एलआईयू की संयुक्त टीम गठित की। बृहस्पतिवार को तीन तस्करों बाल्मीकि चौधरी उर्फ लाल निवासी मालदा (पश्चिमी बंगाल) गरीब महतो निवासी साहिब गंज (झारखंड) और समर कुमार मंडल उर्फ सौमुर निवासी छर्रा कटिहार (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया।
इनके पास दो लाख रुपये के जाली नोट और एक लाख पांच हजार रुपये के असली नोट बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि द्वाराहाट के अलावा टनकपुर, खटीमा, किच्छा, हल्द्वानी और रानीखेत में उनके द्वारा जाली नोट चलाए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि जाली करेंसी की तस्करी को लेकर कुछ और जानकारियां मिली है, जिस पर काम चल रहा है।
पुलिस टीम पुरस्कृत
डीजीपी ने एसओजी प्रभारी विजय मेहता, द्वाराहाट के उप निरीक्षक दरबान सिंह, एलआईयू उप निरीक्षक केपी सिंह धामी, त्रिलोक सिंह रौतेला, आरक्षी दीपक खनका, पवन थुवाल, टीकाराम जीवन सिंह के अलावा रानीखेत के निरीक्षक संजय गर्ब्याल, एलआईयू निरीक्षक संतोष बगड़वाल को पुरस्कृत करने की घोषणा की।