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अपनी सफारी में जला मिला डॉक्टर, बॉडी बन चुकी थी कंकाल

Wed, 01 Jun 2016 05:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 01 Jun 2016 05:33 AM IST
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doctor fully burnt dead body found in his own car.
सफारी में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर मिली जली हुई बॉडी - फोटो : अमरउजाला

हरिद्वार-दिल्ली हाईवे से सटी गंगनहर पटरी पर मंगलवार सुबह एक डॉक्टर के अपनी टाटा सफारी स्टॉर्म कार में पूरी तरह जले मिलने से हड़कंप मच गया। कार भी पूरी तरह से जल चुकी थी।

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डॉक्टर की पहचान अनिल तोमर के रूप में हुई। वे ज्वालापुर के शंकर आश्रम तिराहे के पास सेराजेम नाम से फिजियोथैरेपी सेंटर चलाते थे। हाई प्रोफाइल वारदात की गुत्थी सुलझाने में बहादराबाद पुलिस एसओजी जुटी हुई है।
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मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे भेल तिराहे पर तैनात चेतक सवार पुलिस कर्मियों को एक राहगीर ने सूचना दी कि रानीपुर झाल पुल से नीचे उतरकर गंगनहर पटरी पर एक कार जली हुई है।

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अगली सीट पर बचा था केवल डॉक्टर का कंकाल

doctor fully burnt dead body found in his own car.
कार में जली बॉडी और डॉक्टर का फाइल फोटो - फोटो : अमरउजाला

घटना की सूचना मिलने पर एसओ महेश जोशी घटनास्थल पर पहुंचे। पूरी जल चुकी सफेद रंग की टाटा सफारी स्टॉर्म कार के अंदर का दृश्य देखकर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट में एक पुरुष का जला हुआ कंकाल था।

केवल हड्डियां ही बची थी और खोपड़ी दिखाई दे रही थी। हाथ पर एक कड़ा था। सूचना मिलते ही एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर, सीओ सदर जेपी जुयाल भी मौके पर पहुंच गए। बम निरोधक दस्ता एवं डॉग स्कवॉयड भी बुलाया गया।

पुलिस अभी पता ही लगवा रही थी कि बहादराबाद थाने पहुंचे रघुनाथ रेजीडेंसी अपार्टमेंट के रहने वाले डॉक्टर अरुण कुमार तोमर ने बताया कि उनका भाई अनिल तोमर सोमवार शाम से लापता है।

भाई ने हाथ के कड़े से की बॉडी की पहचान

doctor fully burnt dead body found in his own car.
घटनास्थल पर बिलखता डॉक्टर का छोटा भाई - फोटो : अमरउजाला

पुलिस डॉक्टर अरुण कुमार को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। अरुण ने कार में मिले अवशेष में फंसे कड़े को देखकर पहचान अपने बडे़ भाई डॉ. अनिल कुमार तोमर के रुप में की।

बताया कि उसका भाई सोमवार से लापता था और उसका शंकर आश्रम तिराहे के पास फिजियोथेरेपी सेंटर हैं। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि परिवार मूल रुप से मध्यप्रदेश के गांव बाबरी थाना सिदोनिया जिला मुरैना के रहने वाले हैं।

करीब छह सात साल पूर्व वे यहां आकर बस गए थे और जबकि छोटा भाई डेढ़ वर्ष पूर्व ही आया था। छोटे भाई ने रुड़की में भी फिजियोथैरेपी सेंटर खोला हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पत्नी व भाई से भी पूछताछ कर रहे है। अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

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