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पांच जांच अधिकारी बदले किसी ने नहीं पलटी फाइल
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भाजपा नेता निशि उर्फ गुरप्रीत कौर के पहले भी धोखाधड़ी के आरोप में 20 सितंबर को ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की लापरवाही से महिला नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। मुकदमे में पांच जांच अधिकारी बदले लेकिन किसी भी फाइल को पलट कर नहीं देखा। खास बात तो यह ही की जांच अधिकारियों ने वादी के बयान तक दर्ज नहीं किए और अंतिम रिपोर्ट लगा दी।
20 सिंतबर को हिमालय के सजग प्रहरी संस्था की महासचिव राखी सजवाण ने निशि पत्नी सविंद्र निवासी कनखल के खिलाफ अवैध रूप से किट्टी कमेटी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। उस समय मामले की जांच दारोगा गजेंद्र बहुुगुणा को दी गई थी। कुछ दिनों बाद ही उनका तबादला हो गया। उसके बाद जनवरी तक तीन ओर उपनिरीक्षकों को जांच सौंपी गई, लेकिन किसी ने भी जांच पर कार्रवाई नहीं की। फरवरी में जांच रेल चौकी प्रभारी कैलाश बिष्ट को दी गई, जिन्होंने फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
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वादी राखी सजवाण की मानें तो पुलिस ने उनसे एक बार भी इस बारे में कुछ नहीं पूछा। इसकी शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में की है। राखी सजवाण ने आरोप लगाया कि इस पूरे गोरखधंधे को लीपापोती में पुलिस का पूरा योगदान रहा।
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