बदरीनाथ: बड़ा खतरा, कंचनगंगा हिमखंड में पड़ी दरार
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की दिक्कतें दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंचनगंगा हिमखंड की वजह से बदरीनाथ धाम का रास्ता और जोखिम भरा हो गया है। बीते छह दिनों से बंद पड़े हाईवे को खोलने के लिए जहां बीआरओ ने मंगलवार तक का समय दिया है, वहीं बीआरओ की दिक्कतें कंचन गंगा में बढ़ गई है।
यहां कंचन गंगा में पसरे हिमखंड के अलकनंदा साइड से पिघलने के कारण हिमखंड के बीचों-बीच दरार पड़ गई है। जबकि यहां अभी भी यात्रा वाहनों की आवाजाही जोखिम लेकर हो रही है। कंचनगंगा में हाईवे से हिमखंड हटाने का कार्य अभी पूर्ण नहीं हो पाया है।
बीआरओ की चार मशीनें यहां हिमखंड को काटने में लगी हुई हैं जबकि यहां बर्फ के नीचे सड़क का कोई पता नहीं चल पा रहा है।
जोखिम भरा हो गया रास्ता
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा को देखते हुए विगत 24 अप्रैल को बीआरओ ने हिमखंड के ऊपर से ही लोहे की प्लेटें डालकर यात्रा और लोकल वाहनों की आवाजाही बदरीनाथ तक सुचारु कर दी थी।
लेकिन अब हिमखंड अलकनंदा नदी साइड से पिघल रहा है, जिससे हिमखंड करीब पांच इंच नीचे खिसक गया है जबकि यात्रा वाहन अभी भी हिमखंड के ऊपर से गुजर रहे हैं। हिमखंड में पड़ी दरार से यहां रास्ता जोखिम भरा हो गया है।
इधर, बीआरओ के कमांडेंट कर्नल आर सुब्रह्मण्यम का कहना है कि कंचन गंगा में जल्द ही हिमखंड काटकर सड़क को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो सोमवार से कंचनगंगा में वाहनों की आवाजाही हिमखंड से हटाकर हाईवे से करा ली जाएगी।