कुंभ में कोविड जांच फर्जीवाड़ा: 40 सैंपल कलेक्टरों से पूछताछ करेगी एसआईटी
बता दें कि अब सैंपल कलेक्टरों के बयान लिए जा रहे हैं कि वो किस तरीके से श्रद्धालुओं की एंट्री रजिस्टर में दर्ज करते थे।
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हरिद्वार कुंभ में कोरोना जांच में हुए फर्जीवाड़े में अब एसआईटी ने सैंपल कलेक्टरों से पूछताछ शुरू कर दी है। डाटा की भी जांच की जा रही है। महाकुंभ मेले के दौरान कोरोना जांच में हुए फर्जीवाड़े में एसआईटी की टीम अब तक मैक्स कॉरपोरेट सर्विस फर्म के पार्टनर शरत और मल्लिका पंत, नलवा लैब हिसार, डॉक्टर लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली व लैब और फर्म के बीच अनुबंध कराने वाले डीलर अनुदेश गोयल से आमने-सामने, अलग-अलग पूछताछ कर चुकी है। वहीं, मेला स्वास्थ्य विभाग की तरफ सेक्टर प्रभारी बनाए गए 24 चिकित्सकों से भी पूछताछ कर चुकी है।
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एसआईटी ने अब कोरोना जांच के लिए नमूना लेने वाले सैंपल कलेक्टरों से पूछताछ शुरू कर दी है। सैंपल कलेक्टरों के बयान लिए जा रहे हैं कि वो किस तरीके से श्रद्धालुओं की एंट्री रजिस्टर में दर्ज करते थे। किस तरीके से एप पर अपलोड करते थे।
एक दिन में कितने नमूने लिए जाते थे। इसके साथ ही कहां-कहां पर ड्यूटी लगाई गई। एसआईटी की टीम करीब 40 सैंपल कलेक्टरों से इस मामले में पूछताछ करेगी। अभी तक 20 से ही पूछताछ हो चुकी है।
मेला स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए कोरोना जांच कराने वाले लोगों के डाटा की भी जांच हो रही है। जांच अधिकारी राजेश शाह ने बताया कि सैंपल कलेक्टरों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी काम किया जा रहा है।
जांच में लगा समय, शासन को रिपोर्ट का इंतजार
कुंभ के दौरान हुए कोविड जांच फर्जीवाड़े की रिपोर्ट का शासन को इंतजार है। जिलाधिकारी हरिद्वार से अभी तक फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही है। एक लाख सैंपलों में हुए फर्जीवाड़े की जांच में एसआईटी कर रही है। सैंपल जांच में जिन लोगों के नंबर दिए गए हैं। उन पर संपर्क करने में एसआईटी को समय लग रहा है।
अप्रैल में हुए कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की कोविड जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 11 फर्मों के साथ अनुबंध किया था। जिसमें एक लाख से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग में फर्जीवाड़ा हुआ है। एक व्यक्ति की शिकायत पर सैंपल जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। विभाग की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि लगभग एक लाख सैंपलों में फर्जीवाड़ा हुआ है। एक ही सैंपल आईडी और मोबाइल नंबर पर कई लोगों को निगेटिव रिपोर्ट जारी की गई। साथ ही राजस्थान के एक ही पत्ते पर कई लोगों का टेस्ट दिखाया गया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने फर्मों का भुगतान रोक दिया था।
मामले को गंभीरता से लेते सचिव स्वास्थ्य ने जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच सौंप कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट शासन को नहीं मिली है। सैंपल जांच में फर्जीवाड़ा करने वाली फर्मों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद एसआईटी गठित की गई। विभागीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के साथ ही सैंपल रिपोर्ट में दिए गए नंबरों पर एसआईटी संपर्क कर रही है। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि डीएम हरिद्वार से जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।