Coronavirus LockDown: उत्तराखंड के केवल 900 कारखाने चालू, 60 हजार उद्योगों में काम ठप
- आवश्यक वस्तु बनाने वाले लगभग नौ सौ उद्योगों को उत्पादन की अनुमति
- प्रदेश में 327 बड़े उद्योग और 63 हजार से अधिक एमएसएमई उद्योग
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कोरोना वायरस के संकट से उत्तराखंड के लगभग 60 हजार उद्योगों में लॉकडाउन है। प्रदेश सरकार ने अभी तक मेडिकल, खाद्य वस्तु, पैकेजिंग और अन्य आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने वाले नौ उद्योगों को ही उत्पादन चालू रखने की अनुमति दी है। औद्योगिक जानकारों का मानना है कि कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट से उबरने में इंडस्ट्री सेक्टर को कम से कम एक साल का समय लगेगा।
राज्य गठन के बाद से प्रदेश में औद्योगिक विकास की रफ्तार आगे बढ़ी है। वर्ष 2000 से लेकर दिसंबर 2019 तक प्रदेश में 327 बड़े उद्योग और 63 हजार से अधिक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) लगे हैं। एमएसएसमई उद्योगों में 13393 करोड़ का निवेश हुआ है। जिससे तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। जबकि बड़े उद्योगों में 37894 करोड़ का निवेश और 1.15 लाख लोगों को रोजगार मिला।
केंद्र और प्रदेश सरकार ने लॉक डाउन में अवधि में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए ऐसे उद्योगों को उत्पादन करने अनुमति दी हैं। जो मेडिकल उपकरण, खाद्य सामग्री बनाते हैं।
जिलाधिकारियों को उद्योगों को उत्पादन की अनुमति देने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में अब तक लगभग नौ सौ उद्योगों को उत्पादन की अनुमति मिली है। बाकी सभी छोटे और बड़े उद्योगों में उत्पादन पूरी तरह से बंद है।
उद्योगों को उत्पादन चालू रखने के लिए अनुमति लेनी जरूरी है। इसके लिए विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आवश्यक वस्तु बनाने वाले उद्योगों को ही उत्पादन चालू रखने की अनुमति दी जा रही है। प्रदेश में नौ सौ उद्योग चल रहे हैं।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक उद्योग
प्रदेश में 95 प्रतिशत एमएसएमई उद्योग हैं और रोजगार देने में इन उद्योगों की सबसे बड़ी भूमिका है। लॉकडाउन के चलते छोटे उद्योग पूरी तरह से बंद हैं। सरकार को इस तरह से सहयोग करना चाहिए कि एमएसएमई उद्योग खड़े रह सकें और दूसरों को रोजगार दे सकें। इस संकट से उबरने में उद्योगों को कम से कम एक साल का समय लगेगा।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड