Corona In Uttarakhand: निजी पैथोलॉजी लैब में रेपिड एंटीजन टेस्ट के रेट तय, अब 719 रुपये में होगी जांच
- अभी तक एंटीजन टेस्ट के वसूले जा रहे थे मनमाने रेट
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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तराखंड सरकार ने निजी पैथोलॉजी लैब में रेपिड एंटीजन टेस्ट के रेट निर्धारित कर दिए हैं। एक रेपिड एंटीजन टेस्ट के लिए सरकार ने 719 रुपये तय किए हैं। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने निर्धारित रेट के आदेश जारी कर दिए हैं।
कोविड का एंटीजन टेस्ट कराने पर अभी तक निजी लैबों में अलग-अलग रेट पर पैसे लिए जा रहे थे। निजी लैब मनमाने ढंग से 800 से 900 रुपये तक ले रहे थे। टेस्ट के मनमाने दाम रोकने के लिए पहली बार सरकार ने दरें तय की है। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त निजी लैब में एक एंटीजन टेस्ट के 719 रुपये लिए जाएंगे।
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आदेश के अनुसार, निजी लैबों को एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट आईसीएमआर पोर्टल पर देनी होगी। वहीं, जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी और स्टेट सर्विलांस अधिकारी को भी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी। सरकार की ओर से एंटीजन टेस्ट के तय रेट से ज्यादा वसूलने पर निजी लैबों के खिलाफ कोविड एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दो मेडिकल कालेजों में प्लाज्मा थैरेपी से कोविड मरीजों का इलाज
प्रदेश के दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ही कोरोना मरीजों का इलाज प्लाज्मा थैरेपी से किया जा रहा है। अन्य कोविड अस्पतालों और कोविड हेल्थ सेंटरों में यह सुविधा नहीं है। विभाग का दावा है कि दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीज प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। इससे आईसीयू में भर्ती मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक एवं अपर सचिव युगल किशोर पंत का कहना है कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए जिन मरीजों के शरीर में एंटीबॉडी बन रही है। वे प्लाज्मा के लिए ब्लड दे रहे हैं। दून मेडिकल कॉलेज और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज प्लाज्मा थैरेपी में अच्छा काम कर रहे हैं।