फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus in uttarakhand latest news : without reporter home sent person found corona positive

Coronavirus in Uttarakhand : बिना रिपोर्ट क्वारंटीन सेंटर से घर भेजा व्यक्ति निकला पॉजिटिव

Thu, 18 Jun 2020 04:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 18 Jun 2020 04:22 PM IST
विज्ञापन
coronavirus in uttarakhand latest news : without reporter home sent person found corona positive
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

देहरादून जिला सर्विलांस अधिकारी ने क्वारंटीन सेंटर की प्रभारी अधिकारी पर दबाव बना बिना जांच रिपोर्ट आए एक व्यक्ति को घर भिजवा दिया। एक दिन बाद ही उस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटिव आ गई। जिस पर अब आनन-फानन में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी ने इस मामले में जांच बैठा दी है।

विज्ञापन


देहरादून के एक क्वारंटीन सेंटर से एक व्यक्ति को कुछ समय पूर्व और बिना जांच रिपोर्ट आए ही घर भेज दिया गया था। आयुष चिकित्सक एवं क्वारंटीन सेंटर प्रभारी डॉ. मीरा रावत का कहना है कि इसके लिए जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने दबाव बनाया था।
विज्ञापन


उन्होंने इससे इनकार किया तो जिला सर्विलांस अधिकारी ने उन्हें सस्पेंड करा देने की धमकी भी दी थी। उनसे लिखित आदेश मांगा को वे बिफर पड़े। दबाव में उन्हें व्यक्ति को घर भेजना पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की जांच बैठा दी गई है

इधर, जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि मरीज की रिपोर्ट को लेकर कुछ भ्रम था। पोर्टल पर रिपोर्ट निगेटिव दिखाई गई थी, जबकि भौतिक रूप से रिपोर्ट मिली तो पॉजिटिव थी।

मरीज को होम क़्वारंटीन में भेजा गया था और घबराने की कोई बात नहीं है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है। मामले की जांच बैठा दी गई है और जिला सर्विलांस अधिकारी से इस बाबत स्पष्टीकरण मांगा गया है। 
 

आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ मुखर 

राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के प्रांतीय महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने इस घटना पर गहरा रोष प्रकट किया है। उनका कहना है कि आयुष चिकित्सक लगातार दबाव में काम कर रहे हैं। उन्हें पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।

कहीं किसी स्तर पर चूक होती है तो जिम्मेदार भी उन्हें ही ठहराया जाता है। जबकि उच्चाधिकारी साफ बच निकलते हैं। बालावाला स्थिति क़्वारंटीन सेंटर में युवक की आत्महत्या मामले में भी यही हुआ। इस मामले में दो आयुष चिकित्सकों को बिना उनका पक्ष सुने ही निलंबित कर दिया गया है। जिस तरह की परिस्थितियां हैं, उसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed