Coronavirus in Uttarakhand: निजी अस्पतालों को फ्री वेंटिलेटर देगी सरकार, नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क
- कोरोना के इलाज में आ रही वेंटिलेटर की कमी के चलते लिया फैसला
- दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में रोज होगी दो हजार सैंपलों की जांच
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कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सरकार की ओर से निजी अस्पतालों को वेंटिलेटर दिए जाएंगे। इसके लिए निजी अस्पतालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन वेंटिलेटर में तकनीकी खराबी आने पर मरम्मत की जिम्मेदारी अस्पतालों की ही होगी। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने आदेश जारी कर दिए हैं।
कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ने पर सरकार ने निजी अस्पतालों को इलाज की अनुमति दी है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद कई अस्पताल कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं। लेकिन उनके पास पर्याप्त मात्रा में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हैं। दरअसल, प्रदेश सरकार को केंद्र से पर्याप्त वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं। सरकारी अस्पतालों की आवश्यकता के बाद विभाग के पास अतिरिक्त वेंटिलेटर हैं।
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सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी की ओर जारी आदेश के अनुसार इन वेंटिलेटरों का इस्तेेमाल सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में ही किया जाएगा। कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद निजी अस्पतालों को वेंटिलेटर वापस करने होंगे।
जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर निजी अस्पतालों को वेंटिलेटर दिए जाएंगे। सरकार के इस फैसले से निजी अस्पतालों की समस्या दूर होगी। गंभीर मरीजों को समय पर वेंटिलेटर की सुविधा मिल सकेगी।
दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में रोज होगी दो हजार सैंपलों की जांच
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार का सैंपल जांच बढ़ाने पर जोर है। दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में स्थापित लैब में अब प्रतिदिन दो हजार सैंपलों की जांच की जाएगी। इसके लिए मशीनें पहुंच गई हैं। वहीं, महंत इन्दिरेश हास्पिटल और रुद्रपुर में नई लैब स्थापित करने को आईसीएमआर की अनुमति मिल गई है। यहां कुछ दिनों के भीतर सैंपल जांच शुरू हो जाएंगी।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि पहले की तुलना में सैंपल जांच में काफी बढ़ोतरी हुई है। प्रतिदिन 8 से 10 हजार सैंपलों की जांच रिपोर्ट आ रही है। दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब की क्षमता बढ़ाने के लिए मशीनें आ गई हैं।
इससे दोनों लैब में प्रतिदिन दो हजार से अधिक सैंपलों की जांच की जाएगी। वहीं, आईवीआरआई (इंडियन वेटनरी रिसर्च सेंटर) मुक्तेश्वर की क्षमता भी बढ़ा कर तीन से चार सौ सैंपल की जाएगी। सचिव ने कहा कि सैंपल जांच बढ़ने के साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन जांच बढ़ाने से कोरोना को सामुदायिक फैलाव से रोका जा सकेगा।