Coronavirus In Uttarakhand: गुरुवार को मिले 684 संक्रमित, मरीजों की संख्या 44 हजार पार
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को प्रदेश में 24 घंटे के अंदर 684 संक्रमित मरीज आए हैं। वहीं, अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 44 हजार पार पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज सबसे ज्यादा 161 मरीज देहरादून में आए हैं। वहीं, अल्मोड़ा में 114, ऊधमसिंह नगर में 131, बागेश्वर में तीन, चमोली में 17, चंपावत में पांच, हरिद्वार में 80, नैनीताल में 58, पौड़ी में 32, पिथौरागढ़ में 27, रुद्रप्रयाग में 14 और उत्तरकाशी में 42 संक्रमित मरीज मिले हैं।
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बता दें कि प्रदेश में अब तक 32154 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 11507 एक्टिव केस हैं। वहीं, मृतक मरीजों की संख्या भी 542 पहुंच गई है। वहीं, आज 13 मरीजों की मौत हुई। इसमें एम्स ऋषिकेश और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में छह-छह और एचएनबी बेस अस्पताल श्रीनगर में एक संक्रमित ने दम तोड़ा है। अब मरने वालों की संख्या 542 हो गई है।
मैदानी जिलों में 77 प्रतिशत संक्रमित मामले, 55 प्रतिशत सैंपल जांच
प्रदेश के चार मैदानी जिलों में कोरोना संक्रमित मामले 77 प्रतिशत हैं, लेकिन सैंपल जांच 55 प्रतिशत हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में एक लाख की आबादी पर 5339 लोगों की जांच हो रही है। अब तक 6.15 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। उत्तरकाशी जिले में प्रति लाख आबादी पर 12 हजार से अधिक लोगों की जांच गई है। जबकि नैनीताल में सबसे कम प्रति लाख पर 4342 सैंपल टेस्ट किए गए हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। इसके बाद से अब तक प्रदेश में 6.15 लाख लोगों के कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार व नैनीताल जिले में 3.41 लाख जांच की गई। इसमें 33470 कोरोना संक्रमित मिले हैं।
जबकि नौ पर्वतीय जिलों की आबादी कम होने के बाद भी 45 प्रतिशत सैंपल टेस्ट किए गए। इसमें 23 प्रतिशत लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। कोरोना आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि मैदानी जिलों में कोरोना संक्रमित मामले ज्यादा मिले हैं, लेकिन पर्वतीय जिलों की तुलना में प्रति आबादी पर जांच कम हो रही है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को मैदानी जिलों में सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए सैंपल जांच पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।