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उत्तराखंड में कोरोना : योग को दिनचर्या में शामिल कर जीती जंग, होम आइसोलेट संक्रमितों ने खुद को बनाया मजबूत
Thu, 13 May 2021 04:18 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 13 May 2021 04:18 PM IST
सार
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर सकारात्मक सोच उत्पन्न करने के लिए लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना से जंग जीतने के लिए कोरोना से संक्रमित लोगों के लिए योग बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर सकारात्मक सोच उत्पन्न करने के लिए लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। संक्रमित लोगों ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्राणायाम में भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और सूर्य नमस्कार का सहारा लिया। प्रस्तुत हैं ऐसे ही लोगों के विचार...
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कोरोना संक्रमित होने के बाद खुद को होम आइसोलेट कर लिया था। रोज कोरोना के बढ़ते मामले और स्वास्थ्य व्यवस्था के चरमराने से नकारात्मक विचार आ रहे थे। ऐसे में रोजाना नियमित रूप से योग किया। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ सकारात्मक विचार भी उत्पन्न हुए।
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-संगीता नेगी, जाखन
कोरोना से बचने के लिए शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाना बहुत जरूरी है। दिनचर्या को दुरुस्त करते हुए नियमित अंतराल पर पौष्टिक आहार लेने के साथ नियमित योग करने से कोरोना की जंग जीती है। भस्त्रिका प्राणायाम के नियमित अभ्यास करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता और बढ़ती है। इसको प्रतिदिन 10 से 15 मिनट तक करना चाहिए।
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-मनोरमा सेमवाल, भंडारीबाग
कोरोना महामारी में योग बेहतर विकल्प है। योगाभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ी ही साथ ही मन में सकारात्मक विचार भी उत्पन्न हुए। जिससे कोरोना की जंग घर में रहकर आसानी से जीती गई। निरोग काया योग की ही माया है। कोरोना संक्रमित होने के बाद योग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया।
-गौतम कुमार, अजबपुर
कोरोना संक्रमित होने के बाद योग को जीवन शैली में शामिल किया तो आत्मबल भी मजबूत हुआ और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी तेजी से बढ़ी। जिससे होम आइसोलेट होकर आसानी से कोरोना की जंग जीती। संकट के इस समय में सदैव प्रसन्नचित्त और स्वस्थ रहने एवं बेहतरीन जीवन जीने के लिए नियमित योगाभ्यास लाभकारी साबित हुआ।
-सुमित डोभाल, पटेलनगर