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रुड़की : सैनिटाइजेशन करते समय सफाई कर्मचारी बेहोश, अस्पताल में मौत
Fri, 26 Jun 2020 03:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 26 Jun 2020 03:34 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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मंगलौर में सैनिटाइजेशन करते समय एक सफाई कर्मचारी अचानक बेहोश हो गया। आननफानन में साथी उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका परिसर में हंगामा करते हुए चेयरमैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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साथ ही सिविल अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों की मांग है कि मृतक सफाई कर्मचारी को शहीद का दर्जा और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। मंगलौर की वाल्मीकि बस्ती निवासी राहुल (24) पुत्र मोहन सिंह को करीब तीन-चार दिन पहले ही मंगलौर नगर पालिका में ठेके पर सफाई कर्मचारी के रूप में रखा गया था।
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बृहस्पतिवार को वह अन्य कर्मचारियों के साथ शहर में सैनिटाइजेशन और कीटनाशक का छिड़काव करने गया था। इस दौरान पठानपुरा में छिड़काव करते समय अचानक वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। राहुल को उठाकर साथी सफाई कर्मचारी आननफानन में सीएचसी ले गए। यहां से उन्हें सिविल अस्पताल रुड़की रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही सफाई कर्मचारी पालिका परिसर में जमा हो गए और हंगामा कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने पालिका चेयरमैन और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद कर्मचारी सिविल अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए हंगामा कर दिया। स्थिति बिगड़े न, इसे लेकर अस्पताल में पुलिस तैनात कर दी गई। वहीं, परिजन और सफाई कर्मचारी मृतक को शहीद का दर्जा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख का मुआवजा दिए जाने की मांग करने लगे। काफी देर तक सिविल अस्पताल में हंगामा होता रहा। गंगनहर कोतवाली के एसएसआई देवराज शर्मा ने बताया कि लोगों को समझा बुझाकर पोस्टमार्टम कराया गया है।
हमने सुरक्षा मानकों के अनुसार सभी कर्मचारियों को पीपीई किट, दस्ताने, सैनेटाइजर, मास्क और जूते आदि उपलब्ध कराए हैं। समय-समय पर कर्मचारियों की जांच भी कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मृत्यु के कारणों का पता लग सकेगा। इसके बाद पालिका प्रशासन अपने स्तर से भी जांच करेगा। इसमें यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शाहिद अली, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, मंगलौर
विधायक की पत्नी भी पहुंचीं अस्पताल
सफाई कर्मचारी की मौत की खबर मिलते ही झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी वैजयंती माला भी सिविल अस्पताल पहुंचीं। यहां उन्होंने मृतक के परिजनों और सफाई कर्मचारियों से बात की। साथ ही मृतक के परिवार को मुआवजा और नौकरी दिए जाने समेत उसे शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई।