उत्तराखंड में कोरोना : दून स्कूल में की गई 1600 की आरटीपीसीआर जांच, ओएनजीसी के 11 और अधिकारी संक्रमित
सरकार द्वारा समय-समय पर जारी सभी दिशा-निर्देशों का समुचित पालन कराया जा रहा है।
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देहरादून के दून स्कूल में छात्रों और शिक्षकों में कोरोना संक्रमण होने के बाद स्कूल प्रशासन और प्रबंधन ने अब तक 1600 लोगों की आरटीपीसीआर जांच की है।
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स्कूल प्रशासन के मुताबिक, सरकार द्वारा समय-समय पर जारी सभी दिशा-निर्देशों का समुचित पालन कराया जा रहा है। स्कूल प्रशासन ने परिसर में अपने सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों व उनके परिजनों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
ओएनजीसी के 11 और अधिकारी संक्रमित
तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) में वैज्ञानिकों समेत 11 और अधिकारी-कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ओएनजीसी के संक्रमित अधिकारियों, कर्मचारियों की संख्या अब 102 पहुंच गई है। सभी को उनके आवासों में आइसोलेट किया गया है।
संस्थान अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीत वासन ने बताया कि संक्रमण और अधिक न फैलने पाए, इसके मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए गए हैं। संस्थान परिसर में बड़े पैमाने पर दवाइयों का छिड़काव करने के साथ ही वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों से सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
संक्रमित वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों को उनके आवासों में ही दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। कुछ संक्रमितों को अस्पताल में ही रखा गया है। संस्थान परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। संक्रमितों की जानकारी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
संक्रमण बढ़ने से हड़कंप
केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के 14 पीएफएस अधिकारियों के अलावा ओएनजीसी के 102 अधिकारियों, कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद राजधानी के अन्य केंद्रीय संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
इसके चलते भारतीय वन्यजीव संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी, भारतीय वन सर्वेक्षण, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण में ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. कालाचॉद सांई ने बताया कि एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
संस्थान में सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। वन अनुसंधान संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि संक्रमण रोकने को लेकर मार्निग वाकर्स व पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
रेलवे की ओर से भी कई एहतियाती कदम उठाए गए
कोरोना संक्रमण बढ़ने पर रेलवे की ओर से भी कई एहतियाती कदम उठाए गए है। रेलवे के चेकिंग स्टाफ में कोरोना संक्रमण न हो इसके मद्देनजर फिलहाल 55 साल से अधिक उम्र वाले चेकिंग स्टाफ को ड्यूटी से हटा दिया है। मुख्य टिकट पर्यवेक्षक एनसी शर्मा का कहना है कि 55 साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारी स्वेच्छा से ड्यूटी करना चाहें तो उन्हें ड्यूटी दी जा रही है।
बता दें कि पिछली बार जब कोरोना संक्रमण फैला था तो उस समय यात्रियों में कोरोना संक्रमण बहुत अधिक नहीं पाया गया था, लेकिन इस बार दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों में बड़े पैमाने पर संक्रमण पाया गया है। दून रेलवे स्टेशन पर की गई जांच में अब तक 90 से अधिक रेल यात्रियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जो काफी बड़ा आंकड़ा है।
इसके बाद रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही चेकिंग स्टाफ को भी कोरोना संक्रमित होने का डर सता रहा है। मुख्य टिकट पर्यवेक्षक एनसी शर्मा का कहना है कि रेल यात्रियों से सबसे बड़ा खतरा चेकिंग स्टाफ को है। ऐसे में एहतियात के तौर पर 55 साल से अधिक उम्र के चेकिंग स्टाफ को ड्यूटी से हटा दिया गया है। ट्रेनों को सैनिटाइजेशन के साथ ही यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है।