अमर उजाला पड़ताल : देहरादून में ऑक्सीजन है, लेकिन सिलिंडर, हाई फ्लो मास्क व फ्लो मीटर गायब
इसके कारण मरीजों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, कुछ दुकानदार इनको उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मनमानी कीमत मांग रहे हैं।
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राजधानी देहरादून में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन सिलिंडर, हाई फ्लो मास्क और फ्लो मीटर गायब हैं। इनके बिना उपलब्ध ऑक्सीजन का उपयोग नहीं हो सकता। इसके कारण मरीजों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, कुछ दुकानदार इनको उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मनमानी कीमत मांग रहे हैं।
बीते कुछ दिनों में राजधानी में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन ऑक्सीजन का उपयोग करने के लिए सिलिंडर, हाई फ्लो मास्क (पेशेंट के मुंह पर लगने वाला हिस्सा) और फ्लो मीटर (रेगुलेटर) बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। ज्यादातर केमिस्ट और सर्जिकल आईटम्स विक्रेताओं के अनुसार पिछले कुछ दिनों से इसकी आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है।
सर्जिकल आईटम्स के निर्माता व सप्लायर समीक्षा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन डॉ. विनोद पांडे ने बताया कि 500 पीस मंगाए थे, लेकिन सब हाथों-हाथ बिक गए। जिन बड़े व्यापारियों से हम मंगाते हैं, वहां भी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय बाजार में एक पीस भी उपलब्ध नहीं है। दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियां भी फिलहाल सप्लाई नहीं दे रही हैं।
होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा ने बताया कि ज्यादातर सामान की सप्लाई बाहर से हो रही थी, लेकिन अभी पूरी तरह बंद है। दून में यह बिलकुल भी उपलब्ध नहीं है। दिल्ली में कुछ जगह मिल रहा है, लेकिन इसके ब्लैक में 10 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं।
सांई मेडिकोज के अरविंद साईं ने बताया कि ब्रांडेड हाई फ्लो मास्क (जो हिस्सा पेशेंट के मुंह पर लगता है) तीन सौ रुपये का है, लेकिन अभी बाजार में आसानी से मिल नहीं रहा। करीब 1500 रुपये कीमत का फ्लो मीटर (रेगुलेटर) भी गायब है। उनके पास दोनों सामान नहीं है। बाजार में कुछ जगह यह उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी मनमानी कीमत मांगी जा रही है।
हाई फ्लो मास्क का देसी जुगाड़ कर रहे लोग
बाजार से हाई फ्लो मास्क गायब होने के बाद लोग इसका देसी जुगाड़ तैयार कर रहे हैं। कुछ लोग इसकी जगह प्लास्टिक की बोतल को काटकर उसको मास्क की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा ने बताया कि मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरी सामानों की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।
दवा विक्रेताओं के भी चालान कर रही पुलिस
दवा विक्रेताओं को कर्फ्यू से छूट के बावजूद पुलिस उनका चालान कर रही है। इस पर होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन ने सख्त नाराजगी जताई है। अध्यक्ष मनीष नंदा ने बताया कि जगह-जगह दवा विक्रेताओं के चालान किए जा रहे हैं। ड्रग लाइसेंस दिखाने के बाद भी पुलिसकर्मी उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
इसके अलावा दवाओं की डिलीवरी में लगे कर्मचारियों का भी चालान किया जा रहा है। एक व्यापारी का 10 हजार रुपये का चालान कर दिया गया। दूसरे की गाड़ी सीज कर दी गई है। उन्होंने इस मामले में एसएसपी से दखल देने और छूट वालों का चालान न करने की मांग की है।
एजेंसियों में भी उपलब्ध नहीं सिलिंडर
राजधानी की ऑक्सीजन एजेंसियों और सप्लायरों के पास ऑक्सीजन उपलब्ध है, लेकिन ज्यादातर के पास सिलिंडर नहीं है। दूसरी ओर, कुछ एजेंसियों में अब भी कोई फोन उठाने को तैयार नहीं है। इसके कारण ग्राहकों को अभी भी परेशान होना पड़ रहा है। कोहली एयर प्रोडक्ट लक्खीबाग में पहली ही बार में फोन रिसीव हुआ।
फोन उठाने वाले सज्जन ने बताया कि आप लक्खीबाग चले जाओ, वहां आपको ऑक्सीजन उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन सिलिंडर लेकर आना सिर्फ रिफिल हो पाएगा। वहीं, मॉर्डन गैस, गुप्ता गैस, भारत ऑक्सीजन वालों ने बताया कि उनके पास ऑक्सीजन उपलब्ध है, लेकिन सिलिंडर नहीं हैं। अंबिका गैस के दिए गए, चारों नंबरों पर कई बार फोन किया, लेकिन किसी भी नंबर पर रिसीव नहीं हुआ। राजीव गैस और विजय कोहली में भी किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।